पीलीभीत। घर में घुसकर किशोरी से दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) गीता सिंह ने दोषी को 20 साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 1,25000 रुपये अर्थदंड लगाया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना बरखेड़ा क्षेत्र के एक ग्राम की महिला ने तहरीर देकर कहा कि 29 मई 2021 को वह पति के साथ अपने मायके गई हुई थी। घर में सास-ससुर के साथ उसकी पांच बेटियां थीं। बड़ी बेटी रात में दरवाजा बंद करना भूल गई। तभी रात्रि 12 बजे सर्वेश कश्यप घर में घुस गया और उसकी नाबालिग पुत्री के हाथ-पैर बांधने और मुंह में कपड़ा ठुसने के बाद दुष्कर्म किया।
पुत्री ने किसी तरह बंधनमुक्त होकर शोर मचाया। उसके दादा के जागने पर आरोपी छत से भाग गया। पुत्री ने पूरे मामले की जानकारी दी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर बाद में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पीड़िता समेत कई गवाह न्यायालय में पेश किए गए।
दोषी स्वयं को निर्दोष बताता रहा। न्यायालय ने दोनों ओर से प्रस्तुत तर्कों को सुनने व पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद दोषी को दंडित किया। अर्थदंड की पूरी धनराशि पीड़िता को दिए जाने का आदेश दिया।
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चेक बाउंस होने के मामले में महिला को छह माह की कैद
पीलीभीत। धनराशि वापस करने के लिए दिया गया चेक बाउंस हो गया। पीड़ित ने न्यायालय में 138 एनआई एक्ट का प्रार्थना पत्र दिया। दर्ज मामले में न्यायालय ने सुनवाई करते हुए दोषी को छह माह कैद और 1.40 लाख रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
मामला न्यूरिया थाना क्षेत्र के गुलड़िया भिंडारा का है। ड्यूनीडाम रोड वार्ड नंबर दो निवासी सरिता बंसल ने न्यायालय में दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि वार्ड नंबर आठ की निवासी कल्पना सक्सेना से उसके पारिवारिक संबंध रहे हैं।
जरूरत पड़ने पर कल्पना सक्सेना ने एक मार्च 2019 को उससे 77 हजार पांच सौ रुपये उधार मांगे। कल्पना ने आठ जुलाई 2019 को 77 हजार पांच सौ रुपये वापस करने का वादा करते हुए बैंक का चेक दे दिया। निर्धारित समय पर चेक बैंक में प्रस्तुत करने पर वह बाउंस हो गया। इस पर उन्होंने कानूनी नोटिस भेजकर धनराशि वापस करने के लिए कहा, मगर नोटिस में दी गई मियाद पूरी होने के बाद भी उधारी चुकता नहीं की गई।
दोषी कल्पना सक्सेना ने न्यायालय के समक्ष उपस्थित होकर उपरोक्त मामले में अपनी जमानत करवा ली । मुकदमे की सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट अनुकृति सिंह ने दोनों पक्षों की ओर से प्रस्तुत साक्ष्य और पत्रावली का अवलोकन करने के पश्चात कल्पना सक्सेना को दोषी पाते हुए छह माह कैद और 1.40 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थ दंड की धनराशि में से 1,30,000 रुपये सरिता बंसल को दिए जाने और 10 हजार रुपये की धनराशि अर्थदंड के रूप में जमा करने का आदेश दिया। संवाद