पीलीभीत। दो किलोवॉट तक के शहरी एवं ग्रामीण उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए पावर कॉरपोरेशन की ओर से चलाई गई सरचार्ज समाधान योजना शुक्रवार को समाप्त हो गई। अंतिम दिन भी मुख्यालय समेत कई स्थानों पर शिविर लगाए गए, जिसमें योजना से लाभान्वित होने के लिए बकायदारों की भीड़ उमड़ी रही। डेढ़ माह चली इस योजना में (14 फरवरी तक) जिले में कुल 14320 ने लाभान्वित होने के लिए पंजीकरण कराया और 5.3 करोड़ रुपये की वसूली की गई है। ग्रामीण एवं शहरी बकायदारों को राहत देने के लिए एक जनवरी से शुरू हुई सरचार्ज समाधान योजना पहले 31 जनवरी तक के लिए थी। इससे अधिकाधिक संख्या में लोग लाभान्वित हो सकें, इसके लिए ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने इसको 15 फरवरी तक के लिए कर दिया था। इस योजना का लाभ पाने के लिए निर्धारित समयावधि तक बिल का 30 प्रतिशत जमा कर उपभोक्ताओं को रजिस्ट्रेशन कराना था। बाकी बिल अदा करने के लिए उनको मार्च तक का समय मिलता। जिले में पावर कॉरपोरेशन के दो डिवीजन है। पीलीभीत में 16559 का लक्ष्य लेकर शुरूआत की गई, तो वहीं पूरनपुर में 6155 बकायदार लक्ष्य रहे। इसके बेहतर परिणाम सामने लाने के लिए पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों की ओर से प्रचार-प्रचार को पंपलेट बंटवाए गए और सोशल मीडिया का भी भरपूर सहारा लिया। शुक्रवार को योजना के आखिरी दिन रोडवेज के पास स्थित अधीक्षण अभियंता कार्यालय परिसर के अलावा बीसलपुर, बिलसंडा, अमरिया के हरदासपुर और न्यूरिया में शिविर लगाया गया। जिसमें काफी बकायदार पहुंचे। इस योजना में विभाग काफी कोशिशों के बाद भी शत प्रतिशत लक्ष्य पाने में तो कामयाब नहीं रहा, लेकिन पीलीभीत में 65 प्रतिशत और पूरनपुर में 60 प्रतिशत की कार्रवाई कर बेस्ट सर्किल की श्रेणी में जरूर शुमार हो गया है। अधीक्षण अभियंता एमके पाठक ने बताया कि पीलीभीत में 16559 लक्ष्य के सापेक्ष 10643 रजिस्ट्रेशन कराए गए हैं। यहां से 4.15 करोड़ की वसूली हुई है। जबकि पूरनपुर में 6155 लक्ष्य के सापेक्ष 3677 रजिस्ट्रेशन सरचार्ज समाधान योजना के हुए हैं। यहां पर भी वसूली 1.15 करोड़ रही है। अभी अंतिम दिन 15 फरवरी का आंकड़ा नहीं मिला है। फिलहाल समाधान योजना के बाद अब एक बार फिर पीलीभीत को बेस्ट सर्किल का दर्जा मिला है।