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फर्जी लोकतंत्र सेनानियों से वसूली जाए सम्मान राशि

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पीलीभीत। लोकतंत्र सेनानी संगठन ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर जांच में फर्जी पाए गए छह लोकतंत्र सेनानियों के प्रशासन की और से जारी परिचय पत्र, स्मार्ट कार्ड तत्काल जमा कराने और उन्हें अब तक दी गई सम्मान राशि की वसूली की जाए। संगठन की ओर से डीएम के साथ साथ प्रमुख सचिव राजनैतिक पेंशन को भेजे ज्ञापन में कहा गया कि संगठन के अध्यक्ष अशोक शम्शा एडवोकेट, महामंत्री तौसीफ अहमद समेत दो दर्जन लोकतंत्र सेनानियों की ओर से उच्च न्यायालय इलाहाबाद में दायर पीआईएल में उच्च न्यायालय के न्यायाधीश द्वारा दिए गए आदेश के बाद तत्कालीन डीएम ने मामले की जांच एडीएम न्यायिक देवेंद्र मिश्रा से कराई थी। इसमें छह लोकतंत्र सेनानी फर्जी और अपात्र पाए गए थे। इसके बाद डीएम ने उनकी सम्मान राशि रोकने के आदेश जनवरी में दिए थे। तब से ढाई माह गुजर जाने के बाद भी प्रशासन ने इस मामले में लोकतंत्र सेनानी सम्मान राशि अधिनियम उत्तर प्रदेश प्रावधानों के मुताबिक अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। ज्ञापन में मांग की गई है कि अधिनियम के प्रावधान के मुताबिक छह फर्जी लोकतंत्र सेनानियों की सम्मान राशि निरस्त करने के आदेश देने के साथ-साथ उन्हें डीएम के हस्ताक्षर से जारी परिचय पत्र व रोडवेज द्वारा जारी स्मार्ट कार्ड तत्काल जमा कराए जाए। ताकि उसका दुरुपयोग कर रोडवेज की बसों में एक सहचर सहित निशुल्क यात्रा न की जा सके। ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि इस अधिनियम की धारा आठ के मुताबिक उन्हें अब तक दी गई समस्त सम्मान राशि कह का आंकलन कर उसकी वसूली भू-राजस्व बकाए की तरह की जाए। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि फर्जी पाए गए छह लोकतंत्र सेनानियों ने अपने सम्मान राशि आवेदन पत्रों में जो असत्य व झूठ तथ्य धोखाधड़ी कर लिखे हैं, उन्हें कई राजस्व व पुलिस कर्मियों ने प्रभावित किया था। इन पर विश्वास कर ही तत्कालीन डीएम ने उनकी सम्मान राशि स्वीकृत की थी। ज्ञापन में मांग की गई है कि इस मामले में दोषी लोगों के विरुद्ध पुलिस में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई जाए, क्योंकि यह मामला धोखाधड़ी और लाखों रुपये का सरकारी धन हड़पने का है।
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