पीलीभीत। बहुचर्चित अर्जुन आत्महत्या कांड के आरोपी तीनों बीसलपुर नगर पालिका के सफाई कर्मचारी बबलू, राहुल और सोनू उर्फ रामकुमार की जमानत अर्जी सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश अमरजीत वर्मा ने खारिज कर दी। कस्बा बीसलपुर निवासी राजेंद्र ने सात मई 2019 को रिपोर्ट दर्ज कराई। जिसके अनुसार उसका 27 वर्षीय पुत्र अर्जुन ठेके पर सफाई का कार्य करता था । दोपहर को दो बजे उसके पुत्र अर्जुन को कस्बा बीसलपुर के ही बबलू, राहुल और सोनू उर्फ राम कुमार ने सुअर के बच्चे की चोरी का आरोप लगाकर पकड़ लिया और उसके साथ मारपीट की। उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। जिससे परेशान होकर अर्जुन ने अपने घर आकर कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी थी। प्रथम सूचना रिपोर्ट के अनुसार वादी के बेटे ने तीनों आरोपियों द्वारा मारपीट और परेशान करने के कारण ही आत्महत्या की है। तीनों आरोपियों ने उच्च न्यायालय के जमानत के शीघ्र सुनवाई आदेश के साथ शनिवार को न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था। निचली अदालत ने जमानत अर्जी खारिज कर जेल भेज दिया था। सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश अमरजीत वर्मा की अदालत में आरोपियों की जमानत अर्जी पेश हुई। बचाव पक्ष की ओर से कहा गया तीनों आरोपी नगर पालिका में सफाई कर्मचारी हैं उन्हें झूठा फंसाया गया है। जबकि मृतक पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए शासकीय अधिवक्ता धीरेंद्र मिश्र ने इसे गंभीर अपराध बताया और कहा कि आरोपियों द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ित करने से परेशान होकर अर्जुन ने आत्महत्या की है। दोनों पक्षों की बहस सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश अमरजीत वर्मा ने तीनों आरोपियों बबलू राहुल और सोनू उर्फ राम कुमार की जमानत अर्जी सुनवाई के बाद मामला गंभीर पाकर खारिज कर दी है।