फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तराई में अब पहले जैसा नहीं रहा मेहमान पक्षियों का कलरव

विज्ञापन
विज्ञापन
पीलीभीत। ठंड बढ़ते ही तराई क्षेत्र के शारदा सागर डैम की सुंदरता बढ़ाने के लिए साइबेरिया समेत कई देशों एवं पहाड़ी इलाकों से बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो जाता है, लेकिन कई वर्षों से इनकी संख्या में लगातार कमी आ रही है। डैम में पहले की तरह मेहमान पक्षियों का कलरव अब नहीं सुनाई देता है। इसकी खास वजह भोजन की कमी और प्रवास के लिए अनुकूल माहौल न मिलना है। जिले में 22 किमी लंबा शारदा सागर डैम है। मरम्मत के अभाव में डैम की स्थिति लगातार नाजुक होती जा रही है। वर्ष 1982 में डैम को खाली कर भीतरी हिस्से की सफाई कराई गई थी, लेकिन उसके बाद से आज तक सफाई नहीं हो सकी है। लिहाजा डैम में घास उग आई है। छोटी मछलियां डैम में अंदर की ओर आने के बजाय घास में अधिक रहती है। इधर, ठंड बढ़ते ही प्रवासी पक्षियों की आमद शारदा डैम में शुरू हो जाती है। मेहमान पक्षियों का मुख्य भोजन छोटी मछलियां ही होती हैं। डैम में ब्रीडिंग न होने से प्रवासी पक्षियों के सामने भोजन की किल्लत आ रही है। यही वजह है कि डैम की सुुंदरता बढ़ाने वाले मेहमान पक्षियों की संख्या में लगातार कम हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें