पीलीभीत। दो बच्चों के बीच अंतर के लिए महिलाओं को अंतरा इंजेक्शन अच्छा लग रहा है। बीते वित्तीय वर्षं 2018-19 में जहां करीब एक हजार महिलाओं ने अंतरा का इंजेक्शन लगवाया। वहीं परिवार नियोजन के लिए दो हजार महिलाओं ने नसबंदी कराई है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का दावा है परिवार नियोजन के संसाधन लोगों के बीच नि:शुल्क उपलब्ध कराए जाते हैं। यही वजह है कि इसके प्रति महिलाओं में तेजी के साथ रूझान बढ़ा है। सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल ने बताया कि जिले में परिवार नियोजन को लेकर लोगों में जागरूकता लाने को जहां समय-समय पर सारथी रथ गांव गांव भेजा जाता है। वहीं आशा, एएनएम व अन्य स्वास्थ्य कर्मी व अधिकारी भी महिलाओं व पुरुषों को परिवार नियोजन के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न विधियों के बारे में बताया जाता है। परिवार नियोजन के संसाधन भी लोगों को नि:शुल्क उपलब्ध कराए जातेे हैं। दो बच्चों के बीच कम से कम तीन साल का अंतर रखने के लिए जहां महिलाओं को अंतरा इंजेक्शन, छाया टैबलेट, कापर टी जैसे संसाधनों के बारे बताया जाता है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. सीएम चतुर्वेदी ने बताया कि दो बच्चों के बीच अंतर रखने के लिए अंतरा इंजेक्शन तथा परिवार पूरा होने पर नसबंदी के प्रति महिलाओं में रूझान ठीक है। उन्होंने बताया कि नवंबर 2017 में जिला अस्पताल में अंतरा इंजेक्शन लगाने की शुरुआत हुई, इसके कुछ दिन बाद ही सभी ब्लॉक स्तरीय स्वास्थ्य केंद्रों पर यह सुविधा उपलब्ध करा दी गई। अप्रैल 2018 से मार्च 2019 तक 981 महिलाओं ने अंतरा इंजेक्शन लगवाया। वित्तीय वर्ष 2017-18 में जहां करीब 1900 महिलाओं ने नसबंदी कराई, वहीं वर्ष 2018-19 अप्रैल तक आंकड़ा दो हजार के पार कर चुका है।