पीलीभीत। उधार फर्नीचर ले जाने के बाद व्यापारी को रुपये के लिए पहले टाल गया। लंबे समय बाद जब रुपये मांगे तो गालीगलौज कर उसके साथ मारपीट की। कोर्ट के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने बहेड़ी निवासी व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला मदीना शाह निवासी मो. जावेद ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में कहा है कि मोहल्ला के लाल रोड पर फर्नीचर की दुकान है। 14 मार्च 2023 को बहेड़ी थाना क्षेत्र के गांव नीचा बहादुर गंज निवासी अतीक दुकान पर आया और फर्नीचर बनाने ऑर्डर दिया। 1.80 लाख रुपये में सारा फर्नीचर तय हुआ। बतौर पेशगी 25 हजार रुपये नकद दिए।
इसके बाद फर्नीचर तैयार करते समय दस हजार रुपये ऑनलाइन दिए। शेष रकम कुछ दिन बाद देने की बात कहकर सारा फर्नीचर घर मंगवा लिया। तकादा करने पर 25 हजार रुपये ऑनलाइन भेज दिए। आरोप है कि शेष 1.20 लाख रुपये के लिए कई बार तकादा किया, लेकिन नहीं दिए। 22 जुलाई 2024 की शाम के समय अतीक अहमद अपनी पत्नी शबनम के साथ मोहल्ला मदीना शाह में खड़ा था। इस पर उसने रुपये मांगे तो वह गालियां देने लगा। विरोध करने पर लात-घूंसों से मारने पीटने लगा। उसकी पत्नी ने भी पिटाई की। कोतवाल नरेश त्यागी ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मामले में नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
कोर्ट के आदेश पर सात पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज
- फाइनेंस कंपनी संचालक ने छह लाख रुपये आरडी में जमा कराए, फिर टरकाया
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। बुजुर्ग महिला को झांसे में लेकर फाइनेंस कंपनी संचालक ने उससे लाखों रुपये की धोखाधड़ी कर ली। कोर्ट के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने सात लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला आसफजान निवासी गीता मिश्रा ने बताया कि शहर के नकटादाना चौराहे पर आईसीएल म्यूचुअल बेनेफिटस कॉरपोरेशन लिमिटेड की शाखा थी। इसमें आरडी, एफडी जैसी विभिन्न योजनाएं चलती थीं। कंपनी में गोला निवासी रूपकिशोर सीएमडी, उनकी पत्नी रजनी गुप्ता और अवधेश कुमार एडमिन डायरेक्टर थे, जबकि जितेंद्र गुप्ता, उनकी पत्नी रेनू गुप्ता, संजय सैनी व ऐंगराज वर्मा डायरेक्टर थे। उन लोगों ने बुजुर्ग महिला को झांसे में लेकर उसकी आरडी अपनी कंपनी में करा ली।
गीता के मुताबिक, उन्होंने अलग-अलग बार में करीब छह लाख रुपये 2019 तक जमा किए थे, जिसे कंपनी की ओर से करीब 7,31,042 रुपये 30 अप्रैल 2020 को वापस करना था। मगर, उन्होंने कोरोना काल का हवाला देते हुए बाद में करीब 9,36,100 रुपये 30 अप्रैल 2021 को वापस देने की बात कही।
गीता ने समय पूरा होने पर जब कंपनी से रुपये वापस मांगे तो वह टाल-मटोल करने लगे। इसके बाद वह लोग कंपनी में ताला डालकर वहां से भाग गए। बुजुर्ग महिला ने मामले की शिकायत कोतवाली पुलिस व एसपी कार्यालय में की, लेकिन कार्रवाई नहीं हो सकी। अब कोर्ट के आदेश पर बुजुर्ग महिला ने सात लोगों पर कोतवाली पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
कोर्ट के आदेश पर दो माह बाद दर्ज हुई जालसाजी की रिपोर्ट
- ट्रैक्टर मांगकर ले जाकर बिक्री करने का है आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
बीसलपुर। कोर्ट के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने धोखाधड़ी और जालसाजी की दो माह बाद बुधवार को रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
कस्बा दियोरिया निवासी विनोद कुमार ने बताया कि करीब दो माह पूर्व बीसलपुर के कुछ लोग उनका ट्रैक्टर मांगकर ले गए थे। आरोप है कि उन लोगों ने ट्रैक्टर को दूसरे के हाथ बेच दिया। मामले की जानकारी होने पर विनोद ने उन लोगों से अपना ट्रैक्टर वापस मांगा। वे लोग टालमटोल करने लगे।
विनोद ने कोतवाली में मामले की नामजद तहरीर दी। पुलिस द्वारा रिपोर्ट दर्ज न करने पर विनोद ने कोर्ट की शरण ली। कोतवाल अशोकपाल ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर बीसलपुर की पंजाबी कॉलोनी निवासी मुकेश कुमार, बीसलपुर कोतवाली के गांव रोहनिया निवासी सतीश चंद्र, रमेश चंद्र और दिलीप के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली है।