- दो से पांच हजार की आबादी वाली ग्राम पंचायतों का हुआ चयन
- शासन को भेजा गया प्रस्ताव, बजट आने के बाद शुरू होगा काम
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। जिला ओडीएफ प्लस घोषित होने के बाद अब शासन ने छोटी ग्राम पंचायतों को ओडीएफ प्लस की श्रेणी में शामिल करने की तैयारी की है। इसके लिए शासन से आए निर्देश पर जिले की दो से पांच हजार की आबादी की 12 ग्राम पंचायतों का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। इन गांव पंचायतों को मॉडल बनाया जाएगा।
खुले में शौचमुक्त करने के लिए सरकार 2014 से अभियान चला रही है। हर घर शौचालय का अभियान चलाया गया। गांवों में सामुदायिक शौचालय का निर्माण भी करवाया गया। अब ओडीएफ प्लस के तहत कम आबादी वाली ग्राम पंचायतों को चुना है। इनको बतौर मॉडल बनाया जाएगा। शासन की ओर से मिले निर्देश के बाद दो से पांच हजार आबादी वाली 12 ग्राम पंचायतों का चयन कर प्रस्ताव भेजा गया है।
मॉडल के लिए साफ रखनी होगी ग्राम पंचायत
इन ग्राम पंचायतों को कूड़ा, गंदगी और अन्य समस्याओं से मुक्त रखा जाएगा। सड़क, पानी निकासी, नाली और सफाई के साथ ठोस एवं गीले कचरे का प्रबंधन कर गांव को स्वच्छ बनाया जाएगा। इसके लिए चयनित ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान, सचिव व पंचायत सहायकों सहित अन्य संबंधित अधिकारियों की ओर से निदेशालय लखनऊ में प्रस्तुतिकरण भी दिया जा चुका है।
इन ग्राम पंचायतों का हुआ चयन
पूरनपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत शाहबाजपुर, गुलड़ियाखास और माधोटांडा। बरखेड़ा ब्लॉक की बडेपुरा तालुके कुसमा, अमरिया ब्लॉक की अडोली, भौना। ललोरीखेड़ा की लालपुर, मरौरी ब्लॉक की गौहनिया और संडा। बरखेड़ा ब्लॉक की पतरासा कुमारपुर, बीसलपुर की जल्लापुर व बिलसंडा ब्लॉक की बड़ागांव को चुना गया है।
ओडीएफ प्लस के तहत 12 ग्राम पंचायतों को चुना गया है। इनको मॉडल ग्राम पंचायत बनाया जाएगा। प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। बजट आने के बाद काम शुरू कर दिया जाएगा।
- वाचस्पति झा, जिला पंचायत राज अधिकारी