पीलीभीत। जिले की 12 ग्राम पंचायतें भूमिहीन हैं। यहां पंचायतघर बनाने के लिए सरकारी जमीन नहीं मिली रही है। अधिकतर गांवों में पंचायत की जमीन कब्जा ली गई हैं और निर्माण करा लिए गए हैं। अब शासन ने पंचायत विभाग को ग्रामीणों से जमीन खरीदने का आदेश जारी किया है। कहा है कि जमीन लेकर वहां पंचायतघर बनाए जाएं। जिले में इसकी कवायद शुरू कर दी गई है।
शासन का आदेश है कि गांवों के लोगों को उनकी जरूरतों के अनुसार प्रमाणपत्रों के लिए शहरों की ओर न दौड़ना पड़े। इसलिए पंचायतघरों में ही कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) संचालित किए जाएं। जिले की पंचायतघर विहीन ग्राम पंचायतों में इनके निर्माण पर जोर दिया जा रहा। पंचायत विभाग की समीक्षा में पता चला कि पांच ब्लाकों की 12 ग्राम पंचायतों में जमीन ही नहीं है।
संबंधित तहसील के एसडीएम से जमीन मुहैया कराने के लिए कहा गया। तमाम प्रयासोंं के बाद भी जमीन नहीं मिल सकी थी। मामला शासन तक पहुंचा तो पंचायत विभाग को ग्रामीणों से जमीन खरीदने के लिए कहा गया। आदेश मेें कहा है कि 500 वर्ग मीटर का भूखंड खरीदकर वहां पंचायतघर का निर्माण कराया जाए। संवाद
यहां नहीं मिली जमीन
अमरिया ब्लॉक के गांव भौना, हसनपुर, बरखेड़ा ब्लॉक के गांव खिरकिया, मूसेपुर जयसिंह, शाहपुर, ललौरीखेड़ा के गोनेरी बड़ी, सिमरिया ताराचंद्र, मरौरी के डयूनी केसरपुर, गौहर, पूरनपुर के गुलड़िया खास, जमुनिया जमीमा जगतपुर व किशनपुर हरीपुर शामिल हैं।
जिले में तैयार हो चुके हैं 688 पंचायत भवन
जिले में 720 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें 688 गांवों में पंचायत भवन तैयार हैं। इसमें अभी 12 गांवों में जमीन नहीं मिल सकी है और 20 पर काम चल रहा है। जो कि 60 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। 32 ग्राम पंचायतों को छोड़कर सभी में पंचायत भवनों में पंचायत विभाग की ओर से सारी सुविधाएं दी जा रही हैं।
वर्जन
पांच ब्लॉकों के 12 गांवों में जमीन उपलब्ध नहीं हो पा रही थी। अब यहां पर ग्रामीणों से जमीन खरीदी जाएगी। इसके बाद पंचायत भवन का निर्माण कराया जाना है। - सतीश कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी