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बाढ़ से शारदा की तबाही रोकने को आठ करोड़ की लागत से बनेगा बांध

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माधोटांडा/ पीलीभीत। शारदा नदी की बाढ़ से उत्पन्न खतरे को ध्यान में रखते हुए वर्षों पूर्व नदी के दाएं किनारे बनाए गए मार्जिनल बांध और पत्थर की ठोकरों को बचाने के लिए शासन ने आठ करोड़ के बहु प्रतीक्षित प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। बाढ़ खंड ने बजट मंजूर कराने के लिए पैरवी के साथ ही टेंडर आमंत्रित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नेपाल की ओर से भारतीय क्षेत्र में प्रवेश कर शारदा नदी जनपद की सीमा से होकर गुजरती है। बरसात के दौरान शारदा नदी कभी दाएं तो कभी बाएं किनारे की ओर कटान करती है। नदी के दाएं किनारे की ओर प्रदेश का महत्वपूर्ण 22 किलोमीटर लंबा शारदा डैम बना है। प्रथम पंचवर्षीय योजना में बने डैम को शारदा नदी से खतरा उत्पन्न न हो, इसके लिए उस समय नदी के दाएं किनारे मजबूत मार्जिनल बांध बनाया गया था। मार्जिनल बांध को सुरक्षित करने के लिए नदी के भीतरी हिस्से में पत्थर की विशाल ठोकरें भी बनाई गईं थीं। इसके चलते शारदा डैम लंबे समय से सुरक्षित है। पिछले कुछ सालों में विभागीय लापरवाही के चलते शारदा नदी में आई बाढ़ से कई ठोकरें नदी की भेंट चढ़ गईं। बाढ़ ने मार्जिनल बांध को भी खासी क्षति पहुंचाई। इसके बाद शासन ने ठोकरों का निर्माण किया और मार्जिनल बांध की भी मरम्मत की, लेकिन पिछली बाढ़ ने फिर सारे प्रयासों पर पानी फेर दिया। नदी ने डेढ़ दर्जन ठोकरों समेत मार्जिनल बांध को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। मार्जिनल बांध को बचाने के लिए बाढ़ खंड ने आठ करोड़ का मेगा प्रोजेक्ट बनाकर शासन को भेजा था। इसे शासन से मंजूरी मिल गई है। बारिश से पूर्व इस प्रोजेक्ट को पूरा किया जाना है। वरना बरसात में इस क्षेत्र में शारदा सागर डैम की सुरक्षा के साथ आबादी क्षेत्र के लिए खतरा पैदा हो जाएगा।
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