खेकड़ा (बागपत)। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी गजेंद्र पाल सिंह ने तहसील के ग्राम मुबारिकपुर, बड़ागांव, फखरपुर, नगला बड़ी, आदि गांवों में किसानों को खेतों में फसलों के अवशेष जलने को लेकर जागरूक किया। उन्होंने कहा कि अवशेष जलाने से भूमि की भौतिक संरचना बदल जाती है और खेतों में मौजूद मित्र कीट मर जाते हैं। खेत की उर्वरा शक्ति कमजोर हो जाती है, जिसका असर अगली फसल पर पड़ता है और उस फसल में बीमारियां भी अधिक होती हैं। उन्होंने कहा कि अवशेष प्रबंधन के लिए विभाग की ओर से अनेक यंत्रों पर अनुदान दिया जाता है, जिसका लाभ उठाकर किसान अपनी आय को भी बढ़ा सकते हैं। अवशेष जलाने पर कानूनी कार्रवाई और आर्थिक जुर्माने का भी प्रावधान है। इसलिए किसानों को फसलों के अवशेष नहीं जलाने चाहिए। उन्हें खेतों में ही पड़े रहने देना चाहिए।