- दो सहयोगी भी सात-सात साल की सजा से किए गए दंडित
- 2014 में बालिका को बहलाकर ले गया था घर से
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। बालिका को बहला फुसला कर ले जाने व दुष्कर्म करने के मामले मे अपर सत्र न्यायाधीश अर्चना गुप्ता ने मुख्य आरोपी को दस साल कैद की सजा सुनाई है। इसक अलावा सहयोग करने वाले दो लोगों को सात-सात साल की सजा सुनाई है।
थाना दियोरिया में दर्ज कराई रिपोर्ट में क्षेत्र के युवक ने बताया की 25 अगस्त 2014 को सुबह सात बजे उसकी पुत्री घर में झाड़ू लगा रही थी। पत्नी शौच को गई थी। इसी बीच गांव का नन्काई घर आया और उसकी पुत्री से कहा कि तुम्हे मम्मी ने बुलाया है। नन्काई पुत्री को साथ ले गया। घर लौटे परिजन को पुत्री नहीं दिखी तो तलाश किया। गांव के दो लोगों ने बताया कि बालिका को गांव के नन्काई के साथ हिम्मतपुर वाले रोड पर जाते देखा है। आगे जाकर खेत में बालिका बेहोश पड़ी मिली। उसने बताया कि नन्काई के साथ दो और लोग थे। नन्काई ने उसके साथ दुष्कर्म किया।
पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पीड़िता सहित कई गवाह न्यायालय में पेश किए। वहीं आरोपियों ने खुद को निर्दोष होना बताया। न्यायालय ने दोनों ओर से प्रस्तुत तर्कों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद नन्काई, रमाकांत, विनोद को दोषी पाते हुए आरोपी नन्काई को 57 हजार रुपए अर्थदंड सहित दस वर्ष, रमाकांत व बिनोद को 17-17 हजार रुपए अर्थदंड सहित सात-सात वर्ष की सजा सुनाई है। अभियोजन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक कुश कुमार वर्मा ने की।