संवाद न्यूज एजेंसी
भोपा (मुजफ्फरनगर)। संकल्प की शक्ति के साथ युवा खेल के मैदान पर बदलाव करने निकल पड़े हैं। शिक्षक कुलदीप उर्फ बंसी भोपा में स्कूल की छुट्टी के बाद बच्चों को फुटबाल सिखा रहे है, जबकि मजदूर चंद्रेश कुमार बच्चों को बैडमिंटन खिला रहे है। दोनों खेलों में प्रतिभाएं निखरकर सामने आने लगी है।
उत्तराखंड के मंगलौर कस्बे के गांव बूढ़पुर निवासी कुलदीप उर्फ बंसी पुरकाजी ब्लॉक के तुगलकपुर गांव के प्राथमिक विद्यालय नंबर एक में शिक्षक है। उनके पिता जनता इंटर कॉलेज भोपा में कार्यरत थे। बंसी को बचपन से ही फुटबाल का शौक रहा। इस कारण उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स पटियाला से डिप्लोमा किया, जिसमें उनका खेल फुटबाल रहा। नेशनल स्तर तक खेल में दमखम दिखाया। अब वह स्कूल की छुट्टी के बाद भोपा क्षेत्र के बच्चों को नि:शुल्क खेल का प्रशिक्षण दे रहे हैं। नतीजा यह निकला कि जनता इंटर कॉलेज भोपा की टीम फुटबाल में प्रदेश स्तर तक चमक रही है। भोपा निवासी उज्ज्वल वर्तमान में चंडीगढ़ एकेडमी में खेल रहा है। कई खिलाड़ी नेशनल स्तर पर धाक जमा चुके हैं।
बंसी का मिला खूब सहयोग: नीशू
राष्ट्रीय फुटबाल टीम का हिस्सा रहे नीशु कुमार का कहना है कि प्रशिक्षक कुलदीप उर्फ बंसी का बहुत सहयोग मिलता रहा है। क्षेत्र में उनका प्रयास सराहनीय है।
क्षेत्र से निकलेेंगे फुटबाल के खिलाड़ी : राकेश कुमार
जनता इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य राकेश कुमार का कहना है कि कुलदीप उर्फ बंसी ने बच्चों को फुटबाल प्लेयर बनाने का बीड़ा उठाया है। यह एक उल्लेखनीय कदम है। क्षेत्र से खिलाड़ी निकलेंगे।
क्षेत्र में होगा खेलों का विकास : रेखा देवी
भोपा की प्रधान रेखा देवी का कहना है कि कुलदीप उर्फ बंसी अपने शिक्षण कार्य के साथ ही बच्चों के जीवन में खेल के माध्यम से एक नया जोश भर रहे हैं। क्षेत्र के बच्चे खेल में आगे बढ़ेंगे।
दिन में मजूदरी, शाम को बैडमिंटन खिलाड़ियों को निखा रहे चंद्रेश
फोटो समेत
भोपा। कबड्डी, कुश्ती, निशानेबाजी और क्रिकेट जैसे खेलों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके जिले में अब बैडमिंटन की लौ जल गई है। भोपा क्षेत्र के बेलड़ा गांव निवासी चंद्रेश कुमार (35) को बचपन से ही बैडमिंटन खेलने का शौक रहा। जिले से लेकर यूनिवर्सिटी तक अपने खेल की छाप छोड़ी, लेकिन आगे मौका नहीं मिला। ग्रेजुएशन करने के बाद नौकरी की तलाश की, लेकिन निराशा मिली। बैडमिंटन के माध्यम से अब चंद्रेश ने क्षेत्र के खिलाड़ियों की तकदीर संवारने का बीड़ा उठाया है। वह एक साल से 15 बच्चों को निशुल्क बैडमिंटन का प्रशिक्षण दे रहे हैं। अपना परिवार चलाने के लिए वह दिनभर मजदूरी करता है और शाम के समय बच्चों को बैडमिंटन सिखाता है। चंद्रेश का गांव भोपा से लगभग छह किमी दूर पड़ता है। वह प्रतिदिन बच्चों को बैडमिंटन के गुर सिखाने के लिए लगभग 12 किमी का सफर साइकिल से तय करते हैं। बेलड़ा गांव के पूर्व प्रधान नरेश कुमार का कहना है कि चंद्रेश बहुत मेहनत करते हैं। खेलों के लिए उनका कार्य सराहनीय है।
कामयाबी के साथ मिली खुशी
चंद्रेश कुमार ने बताया कि जिला स्तर पर बैडमिंटन प्रतियोगिता के अंडर 15 अंडर 13 के खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। भोपा की प्रियंका तेजानिया ने बालिका वर्ग में पहला स्थान प्राप्त किया और अनुज चावला ने खिताब जीता है।
इन्होंने बढ़ाए मदद के लिए हाथ
चंद्रेश ने बताया कि उनका भोपा निवासी अंचित राठी उर्फ अन्नू इस कार्य में बहुत सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने अपनी जमीन पर लगभग पचास हजार रुपये खर्च कर बच्चों के लिए कोर्ट बनाया है।