- पुलिस ने दोनों को खतौली सीएचसी में भर्ती कराया, वहां से मेरठ रेफर कर दिया गया
- गांव बड़सू में बस स्टैंड पर बस का इंतजार कर रही थी एएनएम
(फोटो समाचार)
संवाद न्यूज एजेंसी
रतनपुरी (मुजफ्फरनगर)। गांव बड़सू में बस स्टैंड पर बस का इंतजार कर रही एएनएम को गांव के ही युवक ने धारदार हथियार से हमला कर घायल कर दिया। इसके बाद युवक ने आत्महत्या के इरादे से कोल्डड्रिंक में मिलाकर खुद भी जहरीला पदार्थ खा लिया। पुलिस ने दोनों को गंभीर हालत में खतौली सीएचसी में भर्ती कराया, वहां से उन्हें मेरठ रेफर कर दिया गया। उपचार के दौरान युवक की मेरठ में मौत हो गई।
थाना प्रभारी अक्षय शर्मा ने बताया कि क्षेत्र के गांव बड़सू निवासी 40 वर्षीय सुषमा पत्नी रामकुमार कांधला में स्वास्थ्य विभाग में एएनएम है। मंगलवार सुबह करीब नौ बजे सुषमा गांव बड़सू में बस स्टैंड पर बस के इंतजार में खड़ी थी। उसी समय गांव का ही सुबोध (37) पुत्र लाल सिंह बलकटी लेकर बाइक पर वहां पहुंचा। सुबोध ने सुषमा की गर्दन व हाथ पर बलकटी से ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए। जिससे सुषमा गंभीर रूप से घायल होकर वहीं गिर गई। सुबोध ने आत्महत्या करने के लिए वहीं खड़े होकर कोल्डड्रिंक में मिलाकर जहरीला पदार्थ पी लिया।
सुबोध बेसुध होकर वहीं गिर गया। घटना को देख कर वहां मौजूद लोग भयभीत होकर इधर-उधर भाग गए। राहगीरों की सूचना पर पुलिस ने घायल महिला और युवक को खतौली सीएचसी में भर्ती कराया। वहां से डॉक्टरों ने दोनों को नाजुक हालत में मेरठ रेफर कर दिया। उपचार के दौरान युवक की रात में मौत हो गई। सीओ बुढ़ाना गजेंद्र पाल सिंह ने बताया कि महिला को मोदीपुरम के फ्यूचर प्लस अस्पताल और सुबोध को एसडीएस ग्लोबल अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था।
दोनों में है कई साल से मेलजोल
ग्रामीणों ने बताया कि एएनएम सुषमा का पिछले कई सालों से सुबोध के साथ मेलजोल चला आ रहा था। महिला की बेटी की शादी में सुबोध ने कुछ रुपये उधार दिए थे। सुबोध अपने रुपये वापस करने का लगातार दबाव बना रहा था। कुछ दिनों पूर्व महिला ने सुबोध के विरुद्ध गाली गलौज करने की शिकायत की थी। पुलिस और गांव के संभ्रांत व्यक्तियों के सामने सुबोध ने माफी मांगने तथा भविष्य में ऐसी गलती न दोहराने के आश्वासन दिया था। संभवत: महिला के इस व्यवहार से क्षुब्ध होकर सुबोध ने यह कदम उठाया है।
महिला के कई बच्चे, हमलावर है अविवाहित
सुषमा के दो बेटे अभिषेक, रक्षित तथा दो बेटी साक्षी, भावना हैं। जिनमें एक बेटी साक्षी शादीशुदा है। सुषमा का पति रामकुमार रंगाई पुताई का काम करता है। हमलावर सुबोध अविवाहित है। उसके माता-पिता का देहांत हो चुका है। वह तीन भाइयों में सबसे छोटा है। सुबोध कपड़े की फेरी लगाने का काम करता है।