- गांव गोयला में आर्य समाज मंदिर में हरी चुनरी महिला चौपाल का आयोजन
- 17 नवंबर को सिसौली की मासिक पंचायत में महिलाओं के मुद्दों पर मंथन
- बोले टिकैत, किसान आंदोलन में महिलाओं को आगे आकर देना होगा ध्यान
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहपुर। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण किसान खेत खलिहान छोड़कर गांव से पलायन कर रहे हैं। सरकार बांटने का कार्य कर रही है। महिलाओं से आह्वान किया कि वह संगठित होकर किसान आंदोलन में अपनी अग्रणी भूमिका निभाएं । 17 नवंबर को सिसौली की मासिक पंचायत में महिला किसानों की अधिक से अधिक संख्या जुटाई जाएगी।
गांव गोयला में आर्य समाज मंदिर में हरी चुनरी महिला चौपाल में चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि समाज में व्याप्त बुराइयों से महिलाएं परेशान हैं । सामाजिक बुराइयों का अंत होना चाहिए। सरकार ने जीएम सरसों की मान्यता दी है, लेकिन इसके तेल से लोगों का स्वास्थ्य खराब होगा। सरकार की किसान विरोधी नीतियों के कारण किसान परेशान हैं। इसके चलते वह अपने खेत खलिहान छोड़कर गांवों से पलायन कर रहा है। इसके अलावा सरकार जनता को हिंदू मुस्लिम, अगड़े पिछड़े व किसान-मजदूरों में बांटने का कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार शीघ्र ही दूध की कंपनियों से करार कर रही है, जिसके चलते गांव में दूध का भाव 22 रुपये प्रति लीटर हो जाएगा। इससे भूमिहीन किसान महिलाओं और पशुपालकों के साथ किसानों को बेहद नुकसान होगा। चौपाल की अध्यक्षता शांति देवी और संचालन महिला जिला अध्यक्ष सोनिया सैनी ने किया। भाकियू महिला विंग की पश्चिमी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष बबली सिंह, हापुड़ जिलाध्यक्ष नीलम सिंह, रजनी शर्मा, आकांक्षा, मुनेश, गीता देवी, फरमाना और इमराना ने भी संबोधित किया ।
खाप पंचायतों के पास थी महिलाओं की सेना
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि खाप पंचायतों के पास लगभग 800 वर्ष पूर्व विश्व की पहली महिला आर्मी थी। इसमें 48 हजार महिलाएं शामिल थी। महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना होगा। उन्होंने बताया कि गांव गोयला में यह पहली महिला चौपाल है, जिसमें महिलाओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया है। 17 नवंबर को सिसौली में होने वाली मासिक पंचायत भी महिला चौपाल आयोजित की जाएगी ।
शगुन में हरी चुनरी लें महिलाएं
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि हरियाली किसान की पहचान है। महिलाएं त्योहारों आदि पर शगुन में हरी चुनरी लें। उसी को ओढ़ कर पंचायतों में शामिल हो। सभी महिलाओं को हरी चुनरी ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। पंचायत के समापन पर महिलाओं ने री चुनरी को हवा में लहरा कर अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया ।
महिलाओं ने रखी समस्याएं
चौपाल में महिलाओं ने अपनी समस्या रखी, जिसमें महिलाओं ने वृद्धावस्था पेंशन, राशन कार्ड व कच्चे मकान आदि की समस्या बताईं। महिला जिलाध्यक्ष सोनिया सैनी ने आश्वासन दिया कि शीघ्र गांव में कैंप लगवा कर समस्याओं का समाधान कराया जाएगा।
महिलाओं के हकों के लिए करेंगे संघर्ष
भाकियू प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत की धर्मपत्नी चौधरी सुनीता टिकैत में कहा कि महिलाओं पर होने वाला अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा । महिलाओं के हकों की लड़ाई के लिए संघर्ष किया जाएगा। इस दौरान महिला विंग की ग्राम इकाई का गठन किया गया। रूपा बालियान को महिला विंग का ग्राम अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उन्हें भाकियू की टोपी पहना कर सम्मानित किया गया ।