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Muzaffarnagar News: अनदेखी से फीकी पड़ने लगी पिकनिक प्वाइंट की चमक

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ऽतौली में गंगनहर घाट पर टूटी हुई बिजली की रंगीन लाईटे
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40 लाख रुपये से अधिक खर्च कर गंगनहर घाट पर बनाया गया है पिकनिक प्वाइंट
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रंगीन लाइटों और पुल के ऊपर लगाए गए लोहे के जाल को तोड़ दिया गया

संवाद न्यूज एजेंसी
खतौली। गंगनहर घाट पर 40 लाख रुपये से अधिक खर्च कर बनाए गए पिकनिक प्वाइंट की चमक अनदेखी के चलते फीकी पड़ने लगी है। घाट पर लगाई गई रंगीन लाइटों और पुल के ऊपर लगाए गए लोहे के जाल को तोड़ दिया गया है।
खतौली नगर में महिलाओं, बच्चों और आमजन के घूमने फिरने के लिए कोई स्थान नहीं है। इसे देखते हुए नगर वासियों ने गंगनहर घाट पर पिकनिक प्वाइंट बनाने की मांग रखी थी। केंद्रीय राज्यमंत्री डाॅ. संजीव बालियान और तत्कालीन जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे ने मिलकर अधिकारियों से मंत्रणा कर गंगनहर घाट पर पिकनिक प्वाइंट बनाए जाने का खाका तैयार किया था। विकास प्राधिकरण ने करीब 40 लाख रुपये खर्च कर गंगनहर घाट पर पिकनिक प्वाइंट बनवाया था।
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घाट पर स्टील की बैंच भी लगवाई गई थी। दोनों घाट के चारों ओर रंगीन लाइटों से सजाया गया था। शाम को लाइटें जलने पर यहां का नजारा भव्य होता था। 14 जनवरी 2021 को केंद्रीय राज्यमंत्री डाॅ. संजीव बालियान, पूर्व विधायक विक्रम सैनी, उमेश मलिक और तत्कालीन डीएम सेल्वा कुमार जे ने पिकनिक प्वाइंट का उद्धाटन किया था। इस दौरान मां गंगा की महाआरती भी की गई थी। अनदेखी के चलते झूले, बिजली की लाइटों तथा गंगनहर पर लगी रेलिंग को तोड़ दिया गया है।

गंगनहर समिति नहीं करती देखरेख
पिकनिक प्वाइंट बन जाने के बाद प्रशासन की ओर से इसकी देखरेख के लिए गंगनहर समिति का गठन किया गया था। इसमें शामिल एक दर्जन से भी अधिक लोगों ने पत्थर की पट्टी पर अपने नाम अंकित कराए थे। गंगनहर समिति से जुड़े लोगों ने इसकी देखरेख की जिम्मेदारी ली थी। दो वर्षो में घाट की तस्वीर बदल गई। नगर और आसपास के लोगों के आवागन की संख्या भी घटने लगी है। समिति ने भी चुप्पी साधी रखी है।
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पुलिस चौकी बनाने के लिए किया गया था पूजन
गंगनहर घाट पर लोगों की आवाजाही को देखते हुए उनकी सुरक्षा ध्यान में रखते हुए गंगनहर पटरी मार्ग के निकट पुलिस चौकी का भूमि पूजन पूर्व विधायक विक्रम सैनी की मौजूदगी में हुआ था। विक्रम सैनी ने इसकी नींव में ईंट भी रखी थी। मगर, सिंचाई विभाग ने इसकी अनुमति नहीं दी। इस कारण पुलिस चौकी का निर्माण नहीं हो सका।
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