परवान नहीं चढ़ पाए प्रयास
वर्षो से लोक-लुभावन घोषणाएं ही शुकतीर्थ के नसीब में आई है। गंगा की अविरल धारा लाने का वायदा तमाम राजनीतिज्ञ करते रहे है। शुकदेव आश्रम पधारे डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने कहा था कि भाजपा सरकार शुकतीर्थ में गंगा धारा लाएगी, लेकिन धरातल पर ये तस्वीर धुंधली है। विधानसभा सत्र में क्षेत्रीय विधायक चंदन सिंह चौहान की ओर से पूछे सवालों पर जल संसाधन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह साफ कह चुके है कि शुकतीर्थ में गंगा धारा लाने की अभी सरकार की कोई योजना नहीं है।
राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल इस मामले को गृहमंत्री अमित शाह तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष रख चुके है, मगर नतीजा कोई सामने नहीं आया है। केंद्रीय राज्य मंत्री डा. संजीव बालियान भी सरकार के पिछले कार्यकाल में नमामि गंगे मंत्रालय में राज्य मंत्री रह चुके है। शुकतीर्थ सर्वे में भी उनकी भूमिका रही थी, लेकिन गंगा की धारा नहीं आई।
सीएम को भेजा गया नया प्रस्ताव
भागवत पीठ श्री शुकदेव आश्रम पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद कहते है कि सरकार उत्तराखंड से एक पक्के चैनल का निर्माण कर शुकतीर्थ तक गंगा की स्वच्छ जलधारा लाएं, ताकि धार्मिक नगरी का महत्व और यश बढ़े। गंगा स्नान का पुण्य मिलने से तीर्थ में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी। भागवत भूमि पौराणिक महत्व की दृष्टि से देश के श्रेष्ठ तीर्थों में एक है। इस संबंध में एक नया प्रस्ताव सीएम योगी आदित्यनाथ को प्रेषित किया गया है।
शुकतीर्थ में गंगा की धारा जरूर आएगी
कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल का कहना है कि लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। गंगा की धारा शुकतीर्थ तक लाने के लिए वह कोई न कोई रास्ता निकालने की कोशिश कर रहे हैं, जो जल्द ही सफल होगी।