हादसे का शिकार हुए महेश ने कुछ दिन पहले ही खोली थी मोबाइल शॉप
करण और लक्की की दोस्ती मोबाइल शॉप पर ही उससे हुई थी
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। दिल्ली से मसूरी घूमने का कार्यक्रम तय करते समय तीनों ही युवकों में से किसी को जरा भी आभास नहीं था कि रास्ते में उनके साथ कोई अनहोनी घटना भी हो सकती है। तीनों युवकों ने अपने परिजनों से झूठ बोला कि बस से मसूरी घूमने जा रहे है, लेकिन गए बाइक से। सोचा था कि मस्ती कर घर लौट आएंगे।
जैतपुर निवासी मुकेश ने कि महेश उनका छोटा भाई था। पिता सुंदर की मौत के बाद से उनके पास ही रहता था। कुछ ही दिन पहले उसने मोबाइल की दुकान खोली थी। यहीं उसकी दोस्ती करण और लक्की से हुई। महेश ने सोमवार को उनसे कहा था कि वह अपने दो दोस्तों के साथ बस में मसूरी घूमने जा रहा है। मगर, वह और उसके दो दोस्त करण की बाइक पर घूमने चल गए। बाइक भी करण की थी।
करण था परिवार का इकलौता चिराग
जैतपुर विस्तार बदरपुर निवासी मृतक करण (20) के पिता चेतराम एक्सपोर्ट कंपनी में कर्मचारी है। करण उनका इकलौता बेटा था। करण से एक बड़ी तो एक छोटी बहन है। वह कक्षा बारह का छात्र था। घायल युवक लक्की कक्षा 11 का छात्र हैं। उसे हादसे के बाद जिला अस्पताल और बाद में दिल्ली उपचार के लिए ले जाया गया है।
कहा था हम चल पड़े हैं
दोनों के परिजनों ने बताया कि मंगलवार रात में उनके बच्चों ने फोन कर बताया था कि वह मसूरी से चल पड़े है। मगर, किसी ने यह नहीं बताया कि वह बाइक से आएंगे। बुधवार तड़के उन्हें हादसे की सूचना मिली।