- जिला प्रशासन की छह टीमों ने 11 मिलों में एक साथ कार्रवाई की
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। पेपर मिलों में प्रतिबंधित ईंधन का प्रयोग मिलने पर ईंधन के गोदामों को प्रशासन ने सीज कर दिया है। मानकों की जांच को डीएम के आदेश पर गठित छह टीमों ने 11 पेपर मिलों की जांच की। प्रशासन अपनी रिपोर्ट एनजीटी को भेज रहा है।
एडीएम प्रशासन नरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि डीएम अरविंद मल्ल्प्पा बंगारी के निर्देश पर जिले के सभी छह एसडीएम के नेतृत्व में टीमें गठित कर भोपा रोड की 11 पेपर मिलों में प्रदूषण के मानकों की जांच की गई। निर्धारित मानकों के आधार पर सभी एसडीएम अपनी रिपोर्ट देंगे। यह रिपोर्ट एनजीटी को भेजी जा रही है। इस पूरी प्रक्रिया में प्रदूषण विभाग को शामिल नहीं किया गया। जिन पेपर मिलों में प्रतिबंधित ईंधन जलता पाया गया और इसका भंडार मिला वहां गोदाम सीज कर दिए गए है।
एडीएम ने बताया कि जिन पेपर मिलों में जांच की गई उनमें सिद्धबलि, दिशा, सिल्वरटन, बिंदल्स, मीनू आदि शामिल हैं। उन्होंने बताया कि प्रदूषण को लेकर एनजीटी सख्त है। एनजीटी के निर्देशों के बाद ही प्रशासन ने पेपर मिलों में जांच की है। पूरी रिपोर्ट एनजीटी को ही भेजी जा रही है। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
सीएक्यूएम पर आईआईए ने उठाई उद्योगों की समस्याएं
मुजफ्फरनगर। आईआईए चैप्टर का एक प्रतिनिधिमंडल वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के डायरेक्टर टेक्निकल राम कुमार अग्रवाल से उनके दिल्ली स्थित मुख्यालय में मिला और उद्योगों में पुराने जनरेटर पर प्रतिबंध के निर्देशों में परिवर्तन करने समेत अन्य समस्याओं में सुधार की मांग की। आईआईए मुजफ्फरनगर चैप्टर के चेयरमैन पवन कुमार गोयल ने चार सुझाव अपने पत्र के माध्यम से आयोग को भेजे थे। करीब एक घंटे की वार्ता में पवन कुमार गोयल के साथ आईआईए के सचिव अमित जैन और मेरठ के सचिव गौरव जैन शामिल हुए। नए मानकों के जेनरेटर पंद्रह अक्तूबर से ही मिलने शुरू हुए है, जिनकी कीमत भी पिछले साल से डेढ़ गुना ज्यादा कर दी गई है और डिलीवरी भी दो तीन महीनों में देने का वायदा कर रहे है।