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Muzaffarnagar News: मंसूरपुर - ग्रामीणों ने दिखाया गुस्सा, तीन घंटे थमे रहे वाहनों के पहिए

Fri, 01 Dec 2023 12:48 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
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मंसूरपुर क्षेत्र में  नेशनल हाईवे पर  सड़क हादसा के बाद  घटनास्थल पर्र जाम लगाते गामीण एवं परिज
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फोटो समेत
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंसूरपुर। दिल्ली-देहरादून हाईवे पर घासीपुरा में भाई-बहन की मौत के बाद ग्रामीणों ने व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। आए दिन हो रहे हादसों से बचाव के लिए फ्लाईओवर बनाने की मांग रखी। पुलिस के साथ नोकझोंंक हुई। तीन घंटे बाद किसी तरह पीड़ितों को बनाकर हाईवे पर वाहनों का आवागमन शुरू कराया गया।
हादसा दोपहर करीब तीन बजे हुआ। बाइक सवार जीवन उर्फ कुलदीप (19) और उसकी बहन दीपा (25) गलत दिशा से आए अनियंत्रित ट्रक ने कुचल दिया। गांव के बीच में घर के पास ही दोनों हादसे का शिकार हुए। कुछ ही देर में सैंकड़ों लोग मौके पर जमा हो गए। ग्रामीणों का कहना था कि पुलिस की व्यवस्था बेपटरी है। वाहन गलत दिशा में दौड़ रहे हैं, लेकिन पुलिस का कोई नियंत्रण नहीं है। पुलिस दुपहिया वाहनों की चेकिंग करती है, लेकिन हाईवे पर गलत दिशा में चलने वाले वाहनों पर कोई शिकंजा नहीं कसा जाता।
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ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार के लिए मुआवजा और गांव में फ्लाईओवर बनवाने की मांग रखी। पुलिस ने तीन बार शवों को उठाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों ने विरोध किया। पुलिस और ग्रामीणों के बीच नोकझोंक हुई। एसडीएम खतौली अपूर्वा यादव ने ग्रामीणों को उचित मुआवजा दिलाए जाने की आश्वासन देकर शांत किया। शाम छह बजे वाहनों का आवागमन शुरू हुआ। इस दौरान वाहनों की दोनों और लंबी कतार लगी रही।

पहिए के नीचे दबे रहे शव, सहम गए लोग
हादसे में भाई-बहन के शव हाईवे पर ट्रक के पहिए के नीचे दबे रहे। जिसने देखा वही सहम गया। आरोपी चालक फरार हो गया। बमुश्किल शवों को निकाला गया।

स्कूल बस फंसी जाम में, अभिभावक पहुंचे
हाईवे पर जाम में विभिन्न स्कूलों की बसें और एंबुलेंस भी फंस गईं। स्कूलों ने अभिभावकों को जाम के बीच बुलाकर ही बच्चों को सुपुर्द किया। यहीं से स्कूल बसें लौटी। इसके अलावा जाम में फंसी एंबुलेंस को भी देहात के रास्तों से निकाला गया।
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गत्ते के डिब्बे बनाता है परिवार
राकेश कुमार का परिवार गत्ते के डिब्बे बनाने का काम करता है। खुद राकेश के अलावा जीवन और दूसरा बेटा सागर भी इसी काम में मदद करता है। हादसे के बाद मां मीरा का रो रोकर बुरा हाल रहा। महिलाओं ने उसे बमुश्किल संभाला। मृतका दीपा की शादी पिछले साल आठ दिसंबर को दिल्ली के राहुल के साथ हुई थी। दीपा इन दिनों मायके में ही रह रही थी। दस दिन पहले ही उसने बेटी को जन्म दिया था। तबीयत खराब होने के चलते भाई के साथ वह दवा लेने गई थी। लौटते समय हादसा हो गया।
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