रोनी हरजीपुर एवं आसपास गांवों में परेशान थे किसान
संवाद न्यूज एजेंसी
चरथावल। रोनी हरजीपुर गांव में परेशान किसानों ने 20 निराश्रित पशुओं को पकड़ कर पीपलशाह गोशाला भिजवा दिया। ग्राम प्रधान एवं गोरक्षा समिति ने पशुओं को पकड़वाया। सात पशु अभी बच गए है।
ग्राम प्रधान विनोद फौजी ने बताया कि बिरासली के अलावा मंगनपुर, पीपलशाह भमेला के ग्रामीण निराश्रित पशुओं को खदेड़ देते थे। पिछले दिनों बिरालसी में सांड़ के हमले से किसान की मौत हो गई थी। निराश्रित पशु रोनी हरजीपुर के जंगलों में फसलों को बर्बाद करते थे और बाद में स्कूल परिसर में इकट्ठा हो जाते थे। पीपलशाह गांव में चार गांव के कलस्टर बनाकर गोशाला का निर्माण कराया है। कड़ी मशक्कत के बाद निराश्रित पशुओं को वाहन में लदवा गया। सात पशुओं में जंगलों में भाग गए। 20 पशुओं को भिजवा दिया गया है।
इस दौरान गोरक्षक कमेटी के अध्यक्ष ग्राम प्रधान विनोद, अजय पुंडीर, विपिन राणा, रामकुमार पुंडीर, प्रशांत शर्मा, सेट्टी, विजय पंवार, मोंटी पुंडीर, विशाल पुंडीर, संजय कुमार, मांगेराम ठाकुर, अंकित चौहान, दीपक पंवार, सागर कोरी, रमेश चंद कोरी, आदित्य, हिमांशु, अमित पुंडीर विशाल पुंडीर आदि मौजूद रहे।
चरथावल कस्बे में दो दर्जन पशुओं से परेशान
चरथावल। निराश्रित पशु खेतों के अलावा घरों में घुसकर हमला करते है। कस्बे में रोजाना रोहाना रोड पर एक प्लाट में दिन भर निराश्रित पशुओं का जमघट रहता है। भाकियू युवा मंडल अध्यक्ष विकास शर्मा, नगर अध्यक्ष सौरभ त्यागी, विजेंद्र त्यागी, दिनेश त्यागी आदि ने पशुओं को पकड़वाकर गोशाला भिजवाने की मांग की है। उनका कहना है चरथावल नगर पंचायत में करोड़ों रुपये की लागत से गोशाला बनी हुई है।
चरथावल में 50 की क्षमता से विपरीत 85 पशु पहले से ही है। हैबतपुर, कसियारा और खुसरोपुर में गोशाला तैयार की जा रही है। उसके बाद सड़कों पर कोई निराश्रित पशु घूमता नजर नहीं आएगा। - डा. अमरदीप, पशु चिकित्सा अधीक्षक