मोरना। बाढ़ प्रबंधन एवं जल भराव से राहत के लिए गांव मजलिसपुर तौफीर में आयोजित राहत चौपाल में ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं रखी। लोगों ने कहा कि पिछले साल आई बाढ़ का मुआवजा चाहिए। अभी तक भूसे का इंतजाम नहीं किया गया है। अवैध खनन को भी प्रशासन नहीं रोक पा रहा है।
सोमवार को कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल ने ग्रामीणों को बाढ़ से पूर्व स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग, पशु विभाग, विकास खंड मोरना, वन विभाग सहित अन्य अधिकारियों को ग्रामीणों के बीच रहकर उनकी समस्याओं का निदान कराने को कहा।
प्रधान के पति योगेश चौहान, पूर्व प्रधान रामकला, महेंद्र चौहान, मदन सैनी, मोहनलाल, राज सिंह, डॉ. देवेन्द्र सैनी, दीपचंद चौहान, महेंद्र सिंह, चंद्रप्रकाश शर्मा, सुधीर धीमान, करणपाल सैनी और राकेश कुमार आदि ने 11 हजार हाईटेंशन विद्युत लाइन को रबड़िंग तारों से बदलवाने, लेखपालों के एक सप्ताह में अपने कार्यालय पर बैठकर ग्रामीणों की समस्याओं का निदान करने की मांग रखी। इसके अलावा बाढ़ आने से पूर्व पशुओं के लिए हरा चारा, भूसे की व्यवस्था, शुकतीर्थ गंगा घाट स्थित पुल में अटकी जलकुम्भी को हटाने की मांग रखी।
उन्होंने कहा कि विस्थापन व्यवस्था सुदृढ बना ग्रामीणों की खाने की व्यवस्था होनी चाहिए। प्रशासन को अवैध खनन ओवरलोड वाहनों को तुरंत बंद कराना होगा। रात को ओवरलोडिंग वाहनों से होने वाला ध्वनि प्रदूषण ग्रामीणों को चैन से नहीं सोने देते, जिसके कारण जगह जगह सड़क भी खराब हो गई है। ग्रामीणों ने पिछले वर्ष के बाढ़ पीड़ित किसानों को आज तक बाढ़ का मुआवजा नहीं मिलने की बात कहते हुए राजस्व विभाग के कर्मचारियों एवं अधिकारियों पर आरोप लगाए।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने ग्रामीणों को आश्वासन देते हुए कहा कि सभी समस्याओं का जल्द ही निस्तारण कराया जाएगा। सोलानी नदी की सफाई को अंतिम रूप दिया जा रहा है। बाण गंगा में प्राकृतिक जलधारा है, इसे कोई नहीं रोक सकता। इस दौरान तहसीलदार सतीशचंद बघेल, एडीओ योगेश्वरदत्त त्यागी, मोरना स्वास्थ्य प्रभारी डॉ. सतेन्द्र मलिक, पशु अधिकारी डॉ. रविदीप सिंह, कानूनगो सुनील शर्मा, लेखपाल विकास धनगर, रमेशचन्द, सचिव प्रांजल देशवाल, सहायक कुलदीप कुमार, डॉ. वीरपाल सहरावत, प्रदीप कुमार, मनोज कुमार, अजय कुमार मौजूद रहे।