बुढ़ाना। क्षेत्र के अलीपुर अटेरना गांव के वांछित तीन आरोपियों के साथ पुलिस मुठभेड़ के विरोध में ग्रामीणों ने कोतवाली में धरना प्रदर्शन किया। पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर भाकियू नेता और ग्रामीण अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं।
अलीपुर अटेरना गांव के प्रधान कलवा व पूर्व प्रधान विकास त्यागी का कहना है कि तीन दिन पहले लूट के दो आरोपियों को पुलिस ने ग्रामीणों को सौंपा था। आरोप है कि बृहस्पतिवार को पुलिस ने फर्जी मुठभेड़ में दोनों युवकों के पैर में गोली मारकर घायल कर दिया। इससे नाराज गांव की महिलाएं व दर्जनों ग्रामीण भाकियू के जिला उपाध्यक्ष अनुज बालियान व तहसील अध्यक्ष संजीव पंवार के नेतृत्व में बुढ़ाना कोतवाली में पहुंचे। पूर्व ब्लॉक प्रमुख विनोद मलिक भी समर्थकों के साथ कोतवाली पहुंच गए।
ग्रामीणों ने बुढ़ाना पुलिस पर फर्जी मुठभेड़ का आरोप लगाया। भाकियू के जिला उपाध्यक्ष अनुज बालियान ने कहा कि पुलिस आम जनता का उत्पीड़न कर रही है। भाकियू नेता अनुज बालियान व संजीव पंवार ने अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन की घोषणा की। वक्ताओं ने कहा कि जब तक फर्जी मुठभेड़ करने वाले पुलिसकर्मी व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नही होगी। इंस्पेक्टर यहां से नही हटेगा, उनका धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य गज्जू पठान, ब्लॉक अध्यक्ष सुधीर सहरावत, पूर्व सभापति सुरेंद्र सहरावत, तैमूर अली राणा, इसरार, महिपाल सिंह, संयम पंवार, नियम पंवार, जितेंद्र मलिक मौजूद रहे।
पुलिस वाले सबसे बड़े लुटेरे : सांसद हरेंद्र मलिक
धरना स्थल पर पहुंचे सांसद हरेंद्र मलिक ने कहा कि डेढ़ हजार रुपये की लूट के आरोप में दो युवकों को गोली मार दी गई। पुलिस वाले सबसे बड़े लुटेरे है। इन्हें गोली कौन मारेगा। आपकी लड़ाई संसद तक लड़ी जाएगी। किसी के बहकावे में मत आना। लड़ाई आरपार की होगी। बुढ़ाना पुलिस सट्टा व चरस माफियाओं की सिफारिश सुनती है। अधिकारियों के कहने पर भी बुढ़ाना इंस्पेक्टर मुकदमा दर्ज नही करता।
अपराधियों को संरक्षण देने वाले उठा रहे सवाल : पंवार
भाकियू अराजनैतिक के तहसील अध्यक्ष सुधीर पंवार ने कहा कि कुछ संगठन जनपद एवं प्रदेश की कानून व्यवस्था पर केवल दबाव बनाने के लिए सवाल उठाते हैं। बुढ़ाना में लूट के आरोपियों के समर्थन में धरना जायज नहीं है। अगर इनके विरुद्ध अपराध दर्ज नहीं है तो पुलिस पर कार्रवाई हो, लेकिन अगर अपराध के दो मुकदमे दर्ज है तो पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए। भयमुक्त समाज के लिए अपराधियों की कमर तोड़ना जरूरी है। इसके लिए समाज को भी आगे आकर पुलिस का सहयोग करना होगा।