उर्दू जुबान देश की गंगा-जमुनी तहजीब है
मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय उर्दू भाषा विकास परिषद नई दिल्ली के सहयोग से रब्बान एजूकेशन सोसायटी ने उर्दू जबान पर सेमीनार का आयोजन किया।
मुख्य अतिथि बाल विकास अधिकारी राजेश कुमार ने कहा कि उर्दू जुबान गंगा-जमुनी तहजीब को पहचान देती है। उर्दू लेखक डॉ सदाकत देवबंदी ने कहा कि उर्दू जुबान की पहचान तेजी के साथ बढी है। सोशल मीडिया के माध्यम से इसका अधिक प्रचार हुआ है। उर्दू मुशायरे सुनने और वीडियो देखने का प्रचलन बढ़ा है। फैज ए आम डिग्री कॉलेज मेरठ के प्रोफेसर डॉ असलम ने कहा कि उर्दू एक मीठी जुबान है। उर्दू के प्रचार में महिलाओं का योगदान भी रहा है। आरबीडी डिग्री कॉलेज बिजनौर की प्रोफेसर चांदनी अब्बासी, लेखक अयाज अहमद तालिब, तनवीर गौहर, शाहिद हुसैनी, डॉ रूही जावेद ने भी विचार रखे। सदारत मौलाना सफीर अहमद एवं संचालन अल्ताफ मसल ने किया। मुसव्विर अली, वसीम अहमद, जावेद शेख, आफाक, शाहबाज, सविता आर्य आदि मौजूद रहे।