- परिजनों ने थाने पहुंचकर किया हंगामा, गांव में लगाया जाम
- एसडीएम और सीओ ने शांत और जिम्मेदार लोगों ने फैसला कराया
संवाद न्यूज एजेंसी
खतौली (मुजफ्फरनगर)। जानलेवा हमले में घायल गांव भैसी निवासी विकास की उपचार के दौरान मौत हो गई। इससे नाराज परिजनों ने थाने पहुंचकर हंगामा किया। बाद में आर्थिक सहायता के लिए गांव पहुंचकर जाम लगा दिया। एसडीएम और सीओ ने लोगों को शांत किया। जिम्मेदार लोगों ने मामले में फैसला करा दिया।
भैसी निवासी अनीता ने बताया कि उसका पति विकास कुछ दिन पहले मजदूरी करने के लिए जा रहा था। रास्ते में गांव के ही कुछ लोगों ने उस पर जानलेवा हमला कर घायल कर दिया था। उसे मेरठ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसी समय पुलिस को तहरीर दे दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बुधवार को विकास की उपचार के दौरान मौत हो गई।
इससे नाराज परिजनों ने ग्रामीणों के साथ थाने पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया। भैसी के पूर्व प्रधान सुनील अहलावत भी थाने पहुंच गए। एसडीएम सुबोध कुमार, सीओ रवि शंकर मिश्रा, इंस्पेक्टर मुकेश कुमार ने पीड़ितों से बात कर उन्हें सरकार की ओर से नियमानुसार मुआवजा दिलाए जाने का आश्वासन दिया।
इससे पहले थाने पहुंचे लोग गांव पहुंचते, ग्रामीणों ने वहां रोड पर जाम लगा दिया। जाम की सूचना पर सीओ व इंस्पेक्टर मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझा बुझाकर शांत कर जाम खुलवाया। इस दौरान चंदकिरण, रविंद्र, सुंडन, बिजे, राहुल, अंकित, मोदी, अजय, बिददी, रामवीर, बब्लू, बाबू, सतीश, कृष्ण, सुनील, कपिल, विरेंद्र, नीटू, सुभाष, सोनू, कर्ण आदि मौजूद रहे।
आर्थिक सहायता के आश्वासन पर समझौता
आरोपी पक्ष के कुछ लोग भी थाने पहुंच गए। उन्होंने बताया कि विकास पर हमला नहीं किया गया था। निर्माण के दौरान बल्ली निकलकर उसके सिर पर जा गिरी थी, जिससे वह घायल हो गया था। काफी देर वार्ता के बाद आर्थिक सहायता के आश्वासन पर दोनों पक्षों में सहमति बन गई।