- मुजफ्फरनगर-जानसठ मार्ग के चौड़ीकरण के दौरान सड़क पर दूसरी विद्युत लाइन पर गिरा खंभा
- खंभे के नीचे दब गया था अमरूद विक्रेता, इसी दौरान तारों में दौड़ रहा था करंट
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर-जानसठ मार्ग के चौड़ीकरण के दौरान सड़क किनारे खड़े बिजली के खंभे को हटाते समय खंभा मार्ग से गुजर रहे मोपेड सवार अमरूद विक्रेता के ऊपर गिर गया। खंभे के नीचे दबने व तार में आए करंट की चपेट में आकर उसकी मौत हो गई। घटना से गुस्साए परिजनों व ग्रामीणों ने हंगामा कर जाम लगा दिया। एसडीएम सदर के समझाने पर परिजन शांत हुए। एसडीएम ने चार लाख नगद रुपये देते हुए दुर्घटना बीमा की रकम दिलाने व मृतक की पत्नी को संविदा की नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया।
सिखेड़ा क्षेत्र के गांव बिहारी निवासी मोहर्रम अली (33) गांव से रोजाना मोपेड पर आकर नगर के महावीर चौक पर अमरूद बेचता था। शाम के समय वह घर लौट रहा था। जब वह सुरेंद्र नगर से कुछ आगे पहुंचा तो वहां पर सड़क चौड़ीकरण के कार्य के लिए सड़क किनारे खड़े बिजली के खंभे हटाने का काम चल रहा था। ठेकेदार के कर्मचारी हाइड्रा से खंभे को हटा रहे थे। अचानक खंभा नीचे से टूट कर हाइड्रा से छुट गया और बराबर में बिजली की हाइटेंशन लाइन के तार पर खंभा गिर गया तब बिजली का तार टूट गया। यह तार और खंभा पास से गुजर रहे मोहर्रम अली के ऊपर जा गिरे। मोहर्रम अली नीचे दब गया। तार में आए करंट की चपेट से उसका पैर झुलस गया। यह देखकर ठेकेदार के कर्मचारी फरार हो गए।
राहगीरों ने खंभे के नीचे दबे मोहर्रम अली को किसी तरह बाहर निकाला और उसे पास में ही एक प्राइवेट अस्पताल में ले गए। वहां मोहर्रम अली को मृत घोषित कर दिया। यह सूचना पाकर उसके परिजन व सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंचे और शव को एंबुलेंस में रख कर घटना स्थल पर ले गए और जाम लगा दिया। सूचना पाकर भाकियू नेता नितिन राठी व अन्य भी पहुंच गए। एसडीएम सदर परमानंद झा, सीओ मंडी हेमंत कुमार व मंडी पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने सभी लोगों को समझाया। अधिकारियों के कहने के काफी देर बाद ठेकेदार पहुंचा और इसके बाद एसडीएम ने परिजनों को समझाया और आश्वासन दिया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
यह मिलेगी सहायता
एसडीएम ने कहा कि मृतक की पत्नी को संविदा की नौकरी दी जाएगी। दुर्घटना बीमा के पांच लाख रुपये भी दिलाने की कार्रवाई होगी। एसडीएम ने ठेकेदार से लेकर चार लाख नगद रुपये मृतक के भाई नौशाद को दिए और एक लाख रुपये दो दिन बाद दिए जाएंगे। मृतक के भाई नौशाद ने बताया कि मोहर्रम अली के तीन छोटे बच्चे हैं। इनमें एक बेटा व दो बेटी हैं। मोहर्रम की मौत से परिजनों में शोक है।
कोटसहायता देने के आश्वासन पर परिजन मान गए हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा-हेमंत कुमार, सीओ मंडी
शटडाउन लेते तो बच जाती जान
बताया गया कि ठेकेदार के कर्मचारियों की लापरवाही से यह हादसा हुआ है। क्योंकि जिस खंभे को कर्मचारी हटा रहे थे उसके बराबर से दूसरी विद्युत लाइन भी जा रही थी। उसके तारों में करंट था। खंभा हटाते समय खंभा इस लाइन के तार पर गिर गया जिससे तार टूट गया तब तार में आ रहे करंट की चपेट में आकर मोहर्रम अली की मौत हो गई। ग्रामीणों का कहना था कि काम करते समय कर्मचारियों ने लापरवाही बरतते हुए शटडाउन नहीं लिया था और इसी के चलते यह हादसा हुआ है।