परिजनों ने चिकित्सकों पर लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप
जानसठ सीएचसी प्रभारी ने जांच के बाद नर्सिंग होम सील किया
संवाद न्यूज एजेंसी
मीरापुर (मुजफ्फरनगर)। जकी नर्सिंग होम में प्रसव के दौरान जुड़वां नवजात बच्चों की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल संचालक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नर्सिंग होम को सील कर दिया।
बृहस्पतिवार की शाम कैथोड़ा निवासी आरिफ ने अपनी पत्नी रूबी को प्रसव पीड़ा के चलते मीरापुर के जकी नर्सिंग होम में भर्ती कराया था। आरोप है कि अस्पताल स्टाफ ने बिना परिजनों को बताए झोलाछाप डॉक्टर से महिला की डिलीवरी कराई, जिस कारण उसके जुड़वां नवजात शिशुओं की प्रसव के दौरान मौत हो गई। अस्पताल संचालक मौके से फरार हो गया। दोनों शिशुओं की मौत से परिजनों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। जानसठ सीएचसी प्रभारी डॉ. अशोक कुमार स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ अस्पताल पहुंचे और वहां पर भर्ती अन्य तीन मरीजों से पूछताछ ली। यहां भर्ती महिला मरीजों को जानसठ सीएचसी के लिए भेज दिया गया। सीएचसी प्रभारी ने अस्पताल को सील कर दिया।
अप्रशिक्षित चिकित्सकों से कराई जा रही थी सिजेरियन डिलीवरी
मीरापुर / जानसठ। जुड़वा बच्चों की तौत के बाद सील किए गए जकी नर्सिंग होम में अप्रशिक्षित चिकित्सकों से इलाज और प्रसुताओं के ऑपरेशन कराए जा रहे थे। स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के बाद नर्सिंग होम से जानसठ सीएचसी भेजी गई महिलाओं ने इसका खुलासा किया है। एक महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला चिकित्सालय रेफर किया गया है।
मीरापुर के जकी नर्सिंग होम से स्वास्थ्य विभाग की टीम हिना निवासी हासमपुर, गुलिस्ता निवासी गांव संभलहेड़ा, हसीन निवासी गांव तुल्हेड़ी और रूबी निवासी गांव कैथोड़ा को सीएचसी लेकर आई। डॉक्टर शिखा गुप्ता ने बताया कि चारों महिलाओं की अप्रशिक्षित चिकित्सक ने सिजेरियन डिलीवरी की है। एक महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला चिकित्सालय रेफर किया गया है।
एक सप्ताह पहले ही दिया था स्वास्थ्य विभाग ने नोटिस
मीरापुर (मुजफ्फरनगर)। जानसठ सीएचसी प्रभारी डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि करीब एक सप्ताह पूर्व सीएमओ ने भुम्मा रोड स्थित दो निजी अस्पतालों न्यू भारत हॉस्पिटल और शिफा क्लीनिक की जांच की थी। जांच में खामियां मिलने पर टीम ने दोनों निजी अस्पतालों को सील कर दिया था। इसके अलावा जकी नर्सिंम होम के संचालकों को भी कागजात दिखाने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया था। मगर, संचालक अब तक कागजात नहीं दिखा सके है। शुक्रवार को जुड़वां बच्चों की मौत होने के मामले में एक बार फिर कागजात मांगे गए। कागजात नहीं दिखाने पर जकी नर्सिंग होम को सील कर दिया गया है।
फर्जी तरीके से संचालित किए जा रहे नर्सिंग होम
मीरापुर क्षेत्र में अवैध नर्सिंग होम संचालित किए जा रहे हैं। संचालकों ने दूर-दराज के प्रशिक्षित डॉक्टरों के बोर्ड लगाकर उनके स्थान पर झोलाछाप डॉक्टर अस्पतालों में बैठा रखे हैं।