फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Muzaffarnagar News: बेमौसम बारिश ने बढ़ाई ठंड और किसानों की चिंता

विज्ञापन
बारिश में पन्नी लपेटकर जाता रिक्शा सवार।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। बेमौसम बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। दिन का तापमान 3.9 डिग्री गिर जाने के कारण ठंड का अहसास हुआ। बारिश से सरसों और गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है। कोल्हू का संचालन थम गया। क्रय केंद्रों पर गन्ने की खरीद प्रभावित हुई।
विज्ञापन


पिछले दो दिनों से जिले में अब तक 32.4 मिमी बारिश हो चुकी है। सोमवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। जिले के अधिकतर हिस्सों में दोपहर 12:00 से 2:30 बजे के बीच तेज बारिश हुई।
शहर के शिव चौक, एसडी मार्केट, कच्ची सडक़, ढाल वाली गली समेत अन्य प्रमुख स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई। सोमवार को जिले में 5.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। दिन का अधिकतम तापमान 24.4 रिकॉर्ड किया गया, जबकि रविवार को 28.3 डिग्री रिकॉर्ड किया गया था।
विज्ञापन


बारिश से थम गए वाहनों के पहिए
करीब ढाई घंटे तेज बारिश से आम जन जीवन अस्त-व्यस्त रहा। दिल्ली-दून हाईवे, पानीपत-खटीमा हाईवे, मेरठ-करनाल हाईवे समेत अन्य मुख्य मार्गों पर बारिश के दौरान दुपहिया वाहनों का आवागमन बंद रहा। बारिश से बचने के लिए वाहन चालक इधर-उधर खड़े हुए नजर आए।

सरसों की फसल को नुकसान : तिवारी
कृषि विज्ञान केंद्र चित्तौड़ा के प्रभारी प्रभा शंकर तिवारी का कहना है कि बारिश से सरसों की फसल को सबसे अधिक नुकसान है। सरसों की कटाई का कार्य चल रहा है। फसल पकी हुई है, जिससे उसके झड़ने का खतरा बना हुआ है।

-



बारिश से किसान मायूस, गेहूं सरसों की फसल को नुकसान

चरथावल। बेमौसमी बारिश के कारण खेतों में पानी भरने से नुकसान हुआ है। सरसो की कटी फसल में नमी आने से फंगस ने किसान मायूस है। हवा के कारण गेहूं की लहलाती फसल खेतों में बिछ गई है। वहीं मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर ठंड का अहसास करा दिया है।
चरथावल के किसान दिनेश कुमार और असलम त्यागी ने करीब 60 फीसदी फसल परिपक्व हालत में खड़ी है। बारिश की बूंद से फूटने की आशंका है। काफी सरसो खेतों में कटी पड़ी है। दूधली के किसान नरेंद्र सैनी और सिंगलपुर के प्रवीण कुमार आदि ने बताया तेज हवाओं में गेहूं की फसल गिरने के कारण दाना कमजोर होगा। उत्पादन में गिरावट आएगी। बधाई कलां के अरविंद मलिक का कहना है इस बार गेहूं और सरसो की बंपर की फसल थी। बेमौसमी बारिश से किसानों को डर सता रहा है। उन्होंने सरसो की कटी फसल खेत में पड़ी है। बारिश के कारण सूख नहीं पा रही है। जिससे नमी में फंगस आ गई है।



कीचड़ में फिसले लोग

खतौली। बारिश से नगर की सड़कों पर जलभराव हो गया। लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ीं। कीचड़ के कारण राहगीर फिसलकर चोटिल भी हुए। जो लोग बाजार में खरीदारी करने के लिए पहुंचे, वह बारिश होने के बाद अपने घरों को वापस लौट गए।


सरसों को हुआ नुकसान, किसान हुए परेशान

शाहपुर/छपार/सिखेड़ा/रोहाना कलां गांव सौरम के किसान विपिन बालियान ने बताया कि इस बेमौसम बरसात से गेहूं व सरसों की फसल को काफी नुकसान हुआ है। हवा चलने के कारण गेहूं की फसल गिर गई है। वही कुछ किसानों की सरसों की फसल खेतों में कटी हुई पड़ी है जो गीली गई है। इसके अलावा बेमौसम बरसात से गन्ने की छिलाई का कार्य भी प्रभावित हुआ है। छपार, सिखेड़ा और रोहाना क्षेत्र में भी बारिश से किसानों को नुकसान हुआ है।

बारिश में पन्नी लपेटकर जाता रिक्शा सवार।

बारिश में पन्नी लपेटकर जाता रिक्शा सवार।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें