- निजी अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर जाने को मजबूर देहात क्षेत्र के मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। जिले में किसी भी सीएचसी पर अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं है। ऐसे में देहात के मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सीएचसी पर अल्ट्रासाउंड ना होने पर मरीज निजी सेंटरों पर जाने के मजबूर है, जहां उन्हें मनमानी फीस चुकानी पड़ती है। चिकित्सालय में भी मरीजों को कई दिन बाद की तारीख मिलती है।
जिला चिकित्सालय के अलावा किसी भी सरकारी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं है। इसके चलते जिला अस्पताल में भी अल्ट्रासाउंड कराने वालों की भारी भीड़ रहती है। एक ही मशीन पर कार्य होने की वजह से दिनभर में 20-25 मरीजों के ही अल्ट्रासाउंड हो पाते है। जबकि रोजाना 30 के करीब मरीजों को कुछ दिन बाद की तारीख दी जाती है। ऐसे में मरीज निजी अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर जाने के मजबूर हैं, जहां उन्हें अल्ट्रासाउंड के 800 से 1500 रुपये तक की फीस देनी पड़ती है।
जिला चिकित्सालय पुरुष में दो अल्ट्रासाउंड मशीनें है, लेकिन उनपर काम करने के लिए केवल एक ही रेडियोलॉजिस्ट हैं। इसकी वजह से दिनभर में 20-25 अल्ट्रासाउंड ही हो पाते है। गांव देहात के मरीजों को निजी अल्ट्रासाउंड सेंटरों की ओर दौड़ लगानी पड़ती है।
इन्होंने कहा
जिला चिकित्सालय पुरुष के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि जिला अस्पताल में रोजाना 25 के करीब अल्ट्रासाउंड किए जाते है।