बुढ़ाना। छात्र उज्जवल राणा ने वायरल वीडियो में कहा कि मेरे साथ ऐसी घटना हुई, जिसमें मुझे तोड़कर रख दिया। प्राचार्य प्रदीप कुमार ने मेरे साथ अपमानजनक व्यवहार किया। मुझे गाली दी, मेरे बाल नोंचे और मेरी पिटाई की। मैंने सिर्फ गरीब और असहाय छात्र, जो फीस नहीं होने के कारण परीक्षा फार्म जमा नहीं कर पा रहे थे, उनकी मदद करने के लिए आवाज उठाई थी। इसकी सजा अपमान कर और डरा-धमकाकर दी गई। न्याय की बात की तो कॉलेज में पुलिस बुला ली गई। पुलिसकर्मी धर्मवीर, नंद किशोर और विनीत, जिनसे मुझे मदद की उम्मीद थी, उन्होंने भी मुझे गालियां दी। मुझे डराने-धमकाने की कोशिश की। इन सबके शब्दों ने मेरी आत्मा को गहरी ठेस पहुंचाई है। मुझे तोड़ दिया गया। ईमानदारी और कानून के प्रति सच्चाई की कड़ी टूट गई है। मैं खुद से ही सवाल पूछने लगा हूं कि क्या सच्चाई के लिए आवाज उठाना गलत है। मैं दर्द से गुजर रहा हूं लेकिन डरूंगा नहीं। यदि मैं आत्महत्या करता हूं तो इसका दोष प्राचार्य, पुलिसकर्मी नंद किशोर, धर्मवीर और विनीत पर होगा।