- रामोत्सव के दिन शामली की महिला ने दिया जुड़वां बेटों को जन्म
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वासु प्रजापति
मुजफ्फरनगर। रामोत्सव की खुशियों के बीच जिले में 20 से अधिक घरों में बेटों का जन्म हुआ तो खुशी दोगुनी हो गई। शामली के गंगारामपुरा निवासी डिंपल ने जुड़वां बेटों को जन्म दिया तो परिवार चहक उठा। एक बेटे का नाम राम तो दूसरे का लखन रखा गया। चार अन्य महिलाओं ने अपने बेटों का नाम राम रखा है।
शामली के गंगारामपुरा निवासी सतीश की पत्नी डिंपल को सोमवार सुबह प्रसव पीड़ा हुई। परिवार उन्हें लेकर जिला महिला चिकित्सालय मुजफ्फरनगर पहुंचा। यहां सुबह 10 बजकर 25 मिनट पर डिंपल ने दो जुड़वा बेटों को जन्म दिया। बेटों के जन्म से परिवार में खुशियां छा गई। मां डिंपल ने बताया कि एक बेटे का नाम राम और दूसरे का लक्ष्मण रखा है। उसका मायका मुजफ्फरनगर के जलालपुर गांव में है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका डॉ. आभा आत्रेय ने बताया कि डिंपल का सामान्य प्रसव हुआ है। मां और दोनों बच्चे बिल्कुल स्वस्थ हैं। मां ने अपने बच्चों के नाम राम और लक्ष्मण रखे हैं। संवाद
प्राण प्रतिष्ठा पर पूरी हुई प्रसव की चाहत
शहर के बचन सिंह कॉलोनी निवासी कृष्णा की पत्नी मनीषा को सिजेरियन डिलीवरी हुई। उन्होंने भी बेटे को जन्म दिया। मनीषा ने बताया कि उसे सोमवार सुबह करीब 10 बजे जिला महिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। वह चाहते थे कि प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन ही वह बच्चे को जन्म दें। इसके बाद करीब साढ़े चार बजे उन्होंने सिजेरियन डिलीवरी से एक बेटे को जन्म दिया। उन्होंने कहा कि वह अपने बेटे का नाम राम ही रखेंगे।
तीन महिलाओं ने दिया बेटे को जन्म, नाम रखा राम
जिला महिला चिकित्सालय में सोमवार को तीन महिलाओं ने भी प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर बेटों का जन्म दिया। जिला महिला चिकित्सालय की मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका डॉ. आभा आत्रेय ने बताया कि रिकेश पत्नी सनी, ज्योति पत्नी राहुल और रितिका पत्नी नितिन को सिजेरियन डिलीवरी हुई है। तीनों ने बेटों को जन्म दिया। प्राण प्रतिष्ठा पर जन्मे तीनों बेटों का नाम उनकी मां ने राम रखा है।
शाहपुर में जन्मा बच्चा, दिए गए उपहार
शाहपुर। कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के दिन जन्मे बच्चे को केंद्र प्रभारी ने गर्म वस्त्र व उपहार दिए। केंद्र के प्रभारी डॉ. ओपी जायसवाल ने बताया कि शाम साढ़े चार बजे एक बच्चे ने जन्म लिया। जिसे गर्म वस्त्र व उपहार दिए गए और परिजनों को फल वितरित किए गए।