अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। अदालत ने दो हमलावरों को जान लेवा हमला करने का दोषी करार देते हुए पांच-पांच साल का कारावास और 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। करीब 16 वर्ष पूर्व खतौली के थाना क्षेत्र के मामले में अपर सत्र एवं विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट प्रथम) के पीठासीन अधिकारी रितिश सचदेवा ने फैसला दिया।
सहायक शासकीय अधिवक्ता कुलदीप पुंडीर ने बताया अक्तूबर वर्ष 2006 का मामला है। खतौली थाना क्षेत्र के गांव जसौला निवासी पिंटू ने बताया हमारे मकान की छत पर रखी लकड़ी पड़ोसी अभियुक्तों रतन उर्फ पप्पू और विनोद की तरफ जाने से गाली गलोज की थी। वादी के पिता और भाई ने गाली देने पर एतराज किया। इससे क्षुब्ध होकर दोषी विनोद ने वादी के भाई पर तमंचे से फायर किया और दूसरे दोषी रतन ने लाठियों से पिता कैलाश पर जानलेवा हमला कर दिया था। जिसमें दोनों गंभीर रूप से चुटैल हुए थे। पुलिस ने प्रकरण में दोनों के खिलाफ मुकदमा कायम कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन की ओर से आठ गवाह पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद दोनों को दोषी ठहराया और धारा 307/34 में पांच पांच साल की सजा और जुर्माना का निर्णय दिया।