संवाद न्यूज एजेंसी
खतौली। जबलपुर से पधारे बाल ब्रह्मचारी श्रेणिक जैन शास्त्री ने कहा कि तीसरी ढाल में संसार के दुखों से बचने के लिए आत्मा के सच्चे ज्ञान की आवश्यकता होती हैं। वह जीव, जिसके जीवन में अन्याय, अनीति और अभक्ष्य का त्याग होता है, उसका जीवन सरल होता हैं। वे शीघ्र ही मुक्ति को प्राप्त करते हैं।
अखिल भारतीय जैन युवा फेडरेशन शाखा खतौली के तत्वावधान में श्रुतपंचमी महोत्सव पर छह ढाला की तीसरी ढाल पर सात दिवसीय शिविर का आयोजन किया। इसमें 250 शिविरार्थी प्रतिभाग कर रहे है। शुक्रवार रात में जैन अंत्याक्षरी का स्वाध्याय महिला मंडल की ओर से किया गया। भजन और भक्ति गीतों ने समां बांध दिया।
कार्यक्रम को संगीता जैन, शिल्पी जैन, रीतू जैन ने संचालित किया। करुणा जैन, आयुषी जैन, सरिता जैन, अंजू जैन, कल्पेंद्र जैन, राजकुमार जैन, राहुल जैन, गौरव, मुकेश, मनोज, आगम जैन, अकिंचन जैन, नीरज जैन, मदन जैन, कुलदीप जैन, हितेश जैन आदि उपस्थित रहे।