मुजफ्फरनगर, चरथावल। कस्बे में मुजफ्फरनगर-थानाभवन मुख्य मार्ग के चौड़ीकरण के लिए अवैध निर्माण हटवाने का मुद्दा गर्माया हुआ है। सड़क के सेंटर से दोनों तरफ 40-40 फीट के बीच आने वाले निर्माण को लोनिवि और राजस्व विभाग ने अवैध माना है। प्रकरण में व्यापारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी से मिलकर ज्ञापन सौंपा। डीएम ने चार अफसरों की जांच कमेटी गठित कर दी।
मुजफ्फरनगर-थानाभवन मुख्य मार्ग के चौड़ीकरण के लिए आबादी वाले गांवों एवं कस्बे में सेंटर से 40 फीट पर निशान लगवाए हैं। अभी तक सड़क की चौड़ाई सात मीटर थी, जो भविष्य में 10 मीटर बननी प्रस्तावित है। महीनों पहले नंगला राई, दधेडू कलां, बिरालसी और चरथावल में राजस्व विभाग की टीम निशान लगा चुकी है। इसके बावजूद व्यापारी लगवाए निशान से संतुष्ट नहीं है। इसी वजह से निर्माण नहीं हटा रहे हैं। हालांकि दधेड़ू कलां और दधेड़ू खुर्द में अधिकांश ग्रामीणों ने सड़क से अवैध निर्माण स्वयं तोड़ लिया है। लेकिन यहां भी नाला निर्माण नहीं शुरू हो पाया है। व्यापारियों और ग्रामीणों के विरोध के कारण चरथावल, नंगला राई और बिरालसी में नाला निर्माण कार्य ठप है।
- व्यापारियों को अधिक जमीन का मिले मुआवजा
सोमवार को व्यापार मंडल अध्यक्ष अनुज गर्ग, योगी राज प्रेमी और अमित कंसल आदि जिला मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने डीएम से मिलकर समस्या से अवगत कराया। ज्ञापन में कहा चरथावल में मुख्य मार्ग की एक समान चौड़ाई नहीं है। सेंटर से चौड़ाई कहीं 30 फीट तो कही 32 फीट है। राजस्व विभाग के सजरा और खतौनी में अधिकतम चौड़ाई 32 फीट दर्ज है। लोनिवि अभिलेखों में दर्ज रकबे से अधिक जमीन लेना चाहता है। वाजिब जमीन लेने के बदले व्यापारियों और ग्रामीणों को मुआवजा मिलना चाहिए। अनुज गर्ग ने बताया डीएम ने एडीएम वित्त, एसडीएम सदर सहित चार अफसरों की कमेटी गठित कर आख्या मांगी है।
- नियमानुसार होगी कार्रवाई : एसडीएम
एसडीएम सदर परमानंद झा ने थाने पहुंचकर व्यापारियों से रूबरू होकर बताया कि मुख्य मार्ग से अवैध हटवाने में नियमानुसार कार्रवाई होगी। इस संंबंध में राजस्व विभाग और लोनिवि ने पूर्व में निशान लगवा चुका है। उसी के अनुसार कार्रवाई होगी। उन्होंने जल्द निर्माण पूरा कराने के लिए अवैध निर्माण हटाने की अपील की। हालांकि व्यापारियों का एक प्रतिनिधिमंडल इस मुद्दे को लेकर डीएम के यहां पहुंचा था। मुख्य मार्ग पर अवैध निर्माण की जद में करीब 80 व्यापारी हैं।