मुजफ्फरनगर। जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में हंगामे के बीच विपक्षी सदस्यों ने बहिष्कार कर दिया। विपक्ष का आरोप था कि उनके क्षेत्रों में विकास कार्य नहीं कराए जा रहे हैं। इसके बाद बोर्ड बैठक में 31 करोड़ के विकास कार्यों के प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई।
चौधरी चरण सिंह सभागार में जिला पंचायत की बोर्ड बैठक शुरू में हंगामेदार रही। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल की अध्यक्षता में शुरू हुई बैठक में एएमए पवन कुमार गोयल ने एजेंडा सदन में प्रस्तुत किया। विपक्षी सदस्यों ने भेदभाव का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। सदन में नेता प्रतिपक्ष सत्येन्द्र बालियान ने विपक्ष के सदस्यों के क्षेत्रों में विकास कार्य नहीं कराए जाने के आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। इसको लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष के सदस्यों के बीच काफी देर तक गरमा गरमी बनी रही। दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन विपक्ष के सदस्य हंगामा करते रहे। हंगामे के दौरान कार्यवाही चलती रही। कुछ देर बाद विपक्ष के सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया और बाहर निकल गए। इस बीच सदन में 31 करोड़ के विकास कार्यों के प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास हुए। इसमें राज्य वित्त, 15वें वित्त से टाइड एवं अनटाइड ग्रांट में मिली धनराशि से विकास कार्यों को मंजूरी प्रदान की गई। विकास कार्यों में सीसी रोड, नाली व नाला निर्माण, खंड़जा आदि के कार्य हैं।
प्रस्तावों में गाय अभयारण्य तुगलकपुर को संवारने में भी जिला पंचायत अपना योगदान करने जा रही है। जिला पंचायत करीब 40 लाख रुपये का बजट खर्च करने जा रही है। इसमें ग्राम तुगलकपुर से सुहेली सम्पर्क मार्ग पर छोटी नदी के पुल की ओर जाने के लिए करीब 19 लाख रुपये से सडक़ निर्माण और 20 लाख रुपये की लागत से ग्राम सुहेली में छोटी नदी पर पुल का निर्माण कार्य कराया जाएगा। यह धनराशि राज्य एवं 15वें वित्त से खर्च होगी।
बैठक में जिला पंचायत सभागार में कार्यक्रम के लिए शुल्क लगाने का निर्णय हुआ। इस दौरान मुख्य रूप से ब्लॉक प्रमुख अरविन्द त्यागी, नरेन्द्र सिंह, अनिल कुमार, अक्षय पुंडीर, गौरव पंवार सहित जिला पंचायत के सभी सदस्य और अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
- विपक्ष के आरोप निराधार है : निर्वाल
जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल ने कहा कि बोर्ड गठन की पहली बैठक से ही विपक्षी सदस्यों का आचरण नकारात्मक रहा है। सभी के क्षेत्रों में बना किसी भेदभाव के विकास कार्य कराए जा रहे हैं। बहिष्कार और हंगामा तो विपक्ष के कार्य व्यवहार में शामिल हो चुका है।