चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग के नाम से जानी जाती है गंगनहर की दायीं पटरी
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, गाजियाबाद और मुजफ्फरनगर से गुजरती है पटरी
नौ जून से निविदा आमंत्रित की लोक निर्माण विभाग ने, 23 जून को खोली जाएगी
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग (गंगनहर की दायीं पटरी) के निर्माण की प्रक्रिया दोबारा शुरू हो गई है। मुजफ्फरनगर, मेरठ और गाजियाबाद से होकर गुजरनी वाली नहर पटरी के लिए लोक निर्माण विभाग ने नौ जून से निविदा आमंत्रित की है। करीब 111.49 किमी लंबी पटरी का निर्माण 276.72 करोड़ रुपये की लागत से कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 28 मई 2018 को चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग की दायीं पटरी के निर्माण की घोषणा की थी। इसके बाद 2019 में कैबिनेट की बैठक में मार्ग की लंबाई और बजट को हरी झंडी दी गई। कार्य में अलग-अलग वजहों से देरी होती रही। अब दोबारा निर्माण शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
लोक निर्माण विभाग मेरठ ने कार्य के लिए निविदा आमंत्रित की है। टेंडर की प्रक्रिया नौ जून से शुरू होगी और 23 जून को खोली जाएगी। इससे पहले पेड़ों के कटान की अनुमति नहीं होने के चलते निर्माण कार्य में लगातार देरी होती रही। उधर, गंगनहर की सात मीटर चौड़ी बायीं पटरी का निर्माण 31 दिसंबर 2018 को पूरा हो चुका है।
किस जिले में पटरी कितनी लंबी
जिला
मार्ग की लंबाई
मुजफ्फरनगर
56.840 किमी
मेरठ
42.300 किमी
गाजियाबाद
12.350 किमी
इस तरह गुजरती हैं कांवड़ गंगनहर की दायीं पटरी
उत्तराखंड की सीमा से पुरकाजी लक्सर मार्ग को पार कर तुगलकपुर, निरगाजनी, बेलड़ा, भोपा, जौली, काटका, जानसठ, चित्तौड़ा, सोंटा सराय और खतौली से गुजरती है। मेरठ में सलावा क्षेत्र से होते हुए दौराला, भलसोना और मोहिउद्दीनपुर तक जाती है। गाजियाबाद में निवाड़ा पुल से सोनिया विहार तक पहुंचती है।
इस तरह होगा दायीं पटरी निर्माण का फायदा
गंगनहर की दायीं पटरी के निर्माण से दिल्ली-देहरादून हाईवे पर वाहनों का दबाव कम हो जाएगा। कांवड़ यात्रा के दौरान मेरठ-मुजफ्फरनगर के बीच हाईवे पर भारी वाहन बंद करने पड़ते हैं। पटरी के निर्माण से हाईवे बंद करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।