मुजफ्फरनगर। जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर हृदय रोगियों के लिए कोई विशेष सुविधा नहीं है। टेक्नीशियन के अभाव में सीएचसी पर ईसीजी मशीन भी शो पीस साबित हो रही है। कुछ सीएचसी पर ईसीजी मशीन ही नहीं है।
शाहपुर कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी ओपी जायसवाल ने बताया कि सीएचसी पर ईसीजी की मशीन है, लेकिन टेक्नीशियन के अभाव में मशीन कार्यरत नहीं है। दिल के रोगियों को सीएचसी पर तैनात वरिष्ठ चिकित्सक प्राथमिक उपचार देने के बाद जिला चिकित्सालय के लिए रेफर करते हैं।
खतौली के सीएचसी प्रभारी डॉ. एके सिंह का कहना है कि केंद्र पर ईसीजी मशीन तो है, लेकिन टेक्नीशियन नहीं है। ऑपरेशन थिएटर में आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सक मशीन को ऑपरेट करते हैं। इसके अलावा पुरकाजी के फलोदा व तुगलकपुर सीएचसी पर ईसीजी की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है।
चरथावल सीएचसी पर भी ईसीजी मशीन नहीं है। दो फिजिशियन तैनात हैं। मरीजों के उपचार का जिम्मा इन्हीं पर है। गंभीर हृदय और अस्थमा के मरीजों को जिला चिकित्सालय या फिर निजी हॉस्पिटल के लिए रेफर किया जाता है।
बुढ़ाना में सीएचसी पर ईसीजी मशीन की सुविधा है, लेकिन टेक्नीशियन नहीं है। इमरजेंसी में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनु चौधरी व फार्मासिस्ट ईसीजी कर लेते हैं। भोपा में ईसीजी मशीन है। चिकित्सा प्रभारी अधिकारी डॉ. अर्जुन सिंह ने बताया कि ईसीजी मशीन चलाने की ट्रेनिंग केवल उन्होंने ही ली है, उनकी अनुपस्थिति में ईसीजी नहीं हो पाती है।
जानसठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सा प्रभारी डॉ. अजय कुमार ने बताया कि ईसीजी मशीन की सुविधा नहीं है, जबकि पीएचसी पर ईसीजी मशीन की सुविधाएं हैं। इसके लिए स्टाफ को ट्रेनिंग भी दी जा चुकी है।
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इन्होंने कहा-
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. महावीर सिंह फौजदार ने कहा कि जिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ईसीजी मशीन है, वहां के स्टाफ को जिला चिकित्सालय में ऑपरेट करने की ट्रेनिंग दी गई है। मशीन के लिए विशेष रूप से टेक्नीशियन की तैनाती नहीं है। गंभीर मरीजों को जिला चिकित्सालय में उपचार दिया जाता है।