ईस्टर्न डेडिकेटेड रेल कॉरिडोर पर शुक्रवार को मालगाड़ी दौड़ाने में बारिश ने ब्रेक लगा दिया। तीन बजे तक कंपनी की टीम ने खुर्जा से खतौली तक बारीकी से ट्रैक को चेक किया। दोपहर बाद डीएफसी और कंपनी से बैठक कर मालगाड़ी दौड़ाने की योजना स्थगित कर दिया। हालांकि खुर्जा से डीजल और इलेक्ट्रिक इंजन द्रुत गति से दौड़े और देर रात खतौली पहुंचें। दोनों इंजनों का ट्रायल सफल हो गया।
फ्रेट रेल कॉरिडोर की बहुप्रतीक्षित परियोजना में मालगाड़ी को नहीं दौड़ाया गया। हालांकि खुर्जा में टीम की मौजूदगी में भारतीय रेल के दो इंजनों ने दौड़ना शुरू किया। लोको पायलटों ने इंजनों को मालगाड़ी के ट्रैक पर दौड़ाया। डीएफसी के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर अनिल कालरा, सिस्टा कंपनी के इंजीनियर फारूख अहमद खान, एलएंडटी कंपनी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर, प्रोजेक्ट कंट्रोलर सतेंद्र सक्सेना मौजूद रहे।
निर्माण कंपनी के प्रशासनिक हेड डाॅ. रमन चौधरी ने बताया ट्रैक मजबूत और दमदार बनाया गया है। बारिश के कारण मालगाड़ी का चलाने की योजना अगले कुछ दिनों के लिए स्थगित कर दी है। पहले दिन ट्रायल के दौरान डीजल और इलेक्ट्रिक इंजन औसत स्पीड 103 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़े। यह नए ट्रैक के लिए शुभ संकेत है। भविष्य में इस ट्रैक पर मालगाड़ी 130 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से चलेंगी।