मुजफ्फरनगर। आजादी के लिए शहर में छात्रों ने आंदोलन शुरू किया। साल 1942 में डीएवी और एसडी इंटर कॉलेज के छात्रों ने जुलूस निकाले। अंग्रेजी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। छात्रों पर अत्याचार किए गए, लेकिन आंदोलन जोर पकड़ता गया।
अंग्रेजों की ओर से क्रांतिकारियों पर किए जा रहे अत्याचार की सूचना नौ अगस्त 1942 को जैसे ही छात्रों को मिली तो रोष पनप गया। आर्य समाज रोड स्थित डीएवी और एसडी इंटर कॉलेज के छात्र सड़कों पर उतर आए। शहर में धरने प्रदर्शन शुरू हो गए। तत्कालीन छात्र नेता हरभगवान त्यागी, देवदत्त शर्मा, मामचंद जैन, जय प्रकाश, श्याम लाल गर्ग, शिव चरण दास, त्रिलोकचंद जैन, सत्य प्रकाश गुप्ता, लक्ष्मी चंद्र गुप्ता ने मंत्रणा कर शहर में जुलूस निकाला। जिला कलेक्टर जेवी लिंच ने शिक्षण संस्थाओं को बंद कराने के आदेश जारी कर दिए।
11 अगस्त को इस्लामिया इंटर कॉलेज से अब्दुल वहाब और अन्य कॉलेजों के छात्र नेताओं ने शहर में जुलूस निकाला। पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया था। 12 अगस्त को छात्र फिर आर्य समाज रोड पर एकत्र हुए। यहां भी पुलिस से मुकाबला हुआ। कईं छात्र घायल हुए, लेकिन आंदोलन कईं सालों तक लगातार जारी रखा गया।