- परिसीमन में आए प्रधानों को दिसंबर की किश्त नहीं मिलेगी
- नगरपालिका बोर्ड गठन से पहले खत्म करना होगा खातों का पैसा
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। प्रदेश सरकार के गजट नोटिफिकेशन के बाद नगरपालिका की सीमा में आए गांवों का प्रस्ताव पंचायती राज विभाग से भी चला गया है। अब इन गांवों की सरकार के अधिकार शून्य हो गए है। प्रधान खातों में बकाया पैसा पालिका बोर्ड गठन से पहले तक खर्च कर पाएंगे। इन गांवों में पंचायती राज विभाग की ओर से दिसंबर मिलने वाली किश्त नहीं मिलेगी।
शहर से सटे 11 गांवों नगर पालिका में शामिल हो गए हैं। एक साल पहले ही इन गांवों में चुनाव के बाद गांव की सरकार बनी थी। प्रदेश सरकार ने इन गांवों को नगर पालिका मुजफ्फरनगर में शामिल करने को लेकर गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। शासन ने जिला पंचायत राज विभाग से भी एक प्रस्ताव मांगा था। यह प्रस्ताव भी विभाग से जा चुका है। गांवों की सरकार को शून्य करने की समस्त औपचारिकताएं पूरी हो चुकी है।
दिसंबर माह में ग्राम पंचायतों में विकास निधि की जो किश्त जारी होती है, वह अब इन गांवों को नहीं मिल पाएगी। इन गांवों में विकास के समस्त कार्य पालिका बोर्ड के गठन के बाद नगर पालिका ही कराएगी। लेकिन तब तक गांव प्रधानों को खातों में पड़े बकाया पैसे को खर्च करने का अधिकार रहेगा। गांव में लेखपाल, पंचायत सचिव, पंचायत सहायक की तैनाती भी रहेगी। पालिका बोर्ड के गठन होते ही इन तीनों के पद भी स्वत: ही समाप्त हो जाएंगे। इसके बाद पंचायत सचिव, सहायक और सफाई कर्मचारी अन्य गांवों में तैनात किए जाएंगे।
चुनाव प्रक्रिया तक खर्च कर सकेेंगे बकाया बजट
जिला पंचायत राज अधिकारी अनिल कुमार का कहना है कि सभी 11 प्रधानों को लेकर शासन से एक पत्र जारी हुआ है, जिसमें कहा गया है कि नगर पालिका बोर्ड गठन से पहले पालिका इन गांवों में खर्च नहीं कर पाएगी। चुनाव प्रक्रिया के दौरान चुनाव को लेकर भी व्यवस्था होती है। इस कारण पालिका के बोर्ड के गठन के ठीक पहले तक प्रधान बकाया बजट खर्च कर सकेंगे। गजट नोटिफिकेशन के कारण गांव की सरकार शून्य हो चुकी है। अब नई किश्त आने की कोई संभावना नहीं है।
ये गांव हैं शामिल
नगर पालिका के नये परिसीमन में जो 11 गांव शामिल किए गए हैं इनमें चरथावल ब्लाक का एक खांजापुर और सदर ब्लाक के दस गांव शामिल हैं। इनमें मीरापुर, वहलना, सूजडू, मंधेडा, अलमासपुर, कूकडा, सरवट, शाहबुद्दीनपुर, सहावली, बीवीपुर शामिल है।