एसडी इंटर काॅलेज के कक्षा 11 के छात्र राहुल की मौत का मामला पकड़ रहा तूल
शिक्षक-प्रधानाचार्य पर कार्रवाई की मांग, एसएसपी ने दिया आश्वासन
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। एसडी इंटर काॅलेज के कक्षा 11 के छात्र राहुल की मौत का मामला तूल पकड़ रहा है। परिजनों ने एसएसपी कार्यालय पहुंच कर तीन घंटे तक डेरा डाले रखा। छात्र को धमकाने वाले शिक्षक और प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई और मुकदमे में आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा बढ़ाने के मांग कर एसएसपी को प्रार्थना दिया गया। एसएसपी ने जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया हैं।
मंसूरपुर थाने के गांव लछेड़ा निवासी अनुसूचित जाति के यमना कुमार का बेटा राहुल (15) एसडी इंटर काॅलेज में कक्षा 11 का छात्र था। वह 15 मई दोपहर से लापता था। सिविल लाइन थाने में परिजनों ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। तभी से पुलिस और परिजन उसकी तलाश कर रहे थे। बृहस्पतिवार को परिजनों को सूचना मिली कि राहुल का शव बामनहेड़ी रेलवे स्टेशन से कुछ दूर तीन दिन पहले मिला था। शव मोर्चरी में रखा हैं। परिजन और पुलिस मोर्चरी पर पहुंचे थे। कपड़ों और कमर पर निशान से परिजनों ने राहुल की शिनाख्त अपने बेटे के रूप में की। मगर, शव लेने से इंकार कर दिया था।
परिजनों ने सिविल लाइन थाना पुलिस को बताया था कि उनके बेटे को 15 मई को काॅलेज में एक शिक्षक ने डांटा था और उसका बैग भी अपने पास रख लिया था। शिक्षक की डांट से परेशान राहुल ने आत्महत्या कर ली। बेटे को तलाशने के दौरान प्रधानाचार्य ने भी यमना कुमार के साथ अभद्रता की थी। आरोप लगाया कि प्रधानाचार्य और शिक्षक से प्रताडि़त होकर राहुल ने आत्महत्या की हैं।
इसके विरोध में शुक्रवार सुबह परिजन और ग्रामीण एससपी कार्यालय पहुंचे। यमना कुमार का कहना था कि पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की हैं, इसलिए एसएसपी कार्यालय पर आना पड़ा। दोनों के खिलाफ राहुल को आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाएं। परिजनों में सिविल लाइन पुलिस के प्रति रोष था। एसएसपी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया हैं। इसके बाद परिजन मोर्चरी से शव को घर ले गए।
कॉलेज ने परिजनों को नहीं दी सूचना
परिजनों का कहना था कि यदि राहुल ने काॅलेज में कोई गलती की थी तो इस बारे में परिजनों को बताना चाहिए था। शिक्षक और प्रधानाचार्य की गलती के कारण राहुल ने यह कदम उठाया। अब थाना पुलिस भी कोई कार्रवाई नहीं कर रही हैं।