मुजफ्फरनगर। जिले में इस बार बेमौसम की बारिश ने गुड़ की मिठास को प्रभावित कर दिया है। गन्ने की रिकवरी कम आने से कोल्हू संचालकों को ज्यादा मुनाफा नहीं हो पा रहा है। इस कारण अभी तक केवल 20 प्रतिशत कोल्हू ही चल पाए हैं।
एशिया की सबसे बड़ी गुड़ मंडी में इस बार दीपावली से पहले की गुड़ की धूम नहीं है। बेमौसम की बारिश ने गुड़ उत्पादन को प्रभावित कर दिया है। इस मौसम में मंडी के गुड़ से पट जाती थी। दस से 15 हजार गुड़ के कट्टे प्रतिदिन आते थे। इस बार केवल पांच से छह हजार गुड़ के कट्टे ही मंडी में आ रहे हैं। जिले में कोल्हू संचालन में भी देरी हो रही है। इस बार अभी तक केवल बीस प्रतिशत कोल्हू ही चल पाए हैं। गुड़ मंडी एसोसिएशन के मंत्री श्याम सिंह सैनी का कहना है कि बरसात ने गुड़ उत्पादन को प्रभावित किया है। गन्ने से जहां सामान्य मौसम में 12 से 14 किलों गुड़ की रिकवरी होती है, वह इस समय मात्र साढ़े नौ किलो है। बारिश ने रिकवरी को प्रभावित किया है। यही कारण है कि कोल्हू इस बार अभी तक कम चले हैं। मंडी में आवक भी कम है।