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महिला अस्पताल में जन्मा किसके आंगन का युवराज

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महिला अस्पताल में भर्ती महिला और उसका नवजात बच्चा - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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मुजफ्फरनगर। बेटे के जन्म पर खुशियों के लड्डू बंटते हैं। आंगन खुशियों से भर जाता है। बधाई देने के लिए लोग पहुंचते हैं। लेकिन महिला अस्पताल में हाल इसके उलट है। यहां मां ने एक बेटे को जन्म दिया, लेकिन वह अपना नाम और पता तक नहीं बता पा रही है। ऐसे में असमंजस की स्थिति बन गई है। सवाल भी खड़े हो रहे हैं।
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शुक्रवार सुबह करीब सात बजे रुड़की रोड से जिला अस्पताल की तरफ एक गर्भवती महिला बढ़ रही थी। वह महिला अस्पताल के गेट तक पहुंची, तो चलने की स्थिति में नहीं रही। ड्यूटी पर तैनात पुलिस और स्वास्थ्यकर्मियों ने मानवता का परिचय दिया और मदद कर महिला को डिलीवरी रूम तक पहुंचा दिया।
महिला ने कुछ मिनट बाद ही एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। स्वास्थ्यकर्मियों के चेहरे खिल गए। अब शुरू हुई नन्हीं जान के परिवार की तलाश, लेकिन कोई नहीं मिला। महिला से उसका नाम और पता पूछा गया, लेकिन वह नहीं बता पाई। स्वास्थकर्मी देर रात तक महिला के विषय में जानने का प्रयास करते रहे, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। देर शाम बाल कल्याण समिति को मामले की जानकारी दी गई। सीएमएस डॉ. आभा आत्रेय का कहना है कि महिला के परिवार के विषय में जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है।
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अस्पताल के रास्ते पर कैसे पहुंची महिला
महिला अपना नाम नहीं बता पाई, लेकिन सवाल यह है कि वह अस्पताल के रास्ते पर सुबह-सुबह कैसे पहुंची। प्रसव पीड़ा होने के बाद कौन उसे अस्पताल के रास्ते पर छोड़कर गया या वह खुद ही चलकर आई। इसे लेकर भी तमाम चर्चाएं हैं।

महिला अस्पताल में जन्मा बच्चा- फोटो : MUZAFFARNAGAR

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