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मुजफ्फरनगर पालिका की आबादी हुई 5.20 लाख

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मुजफ्फरनगर शहर फाइल फोटो - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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जिला प्रशासन ने जारी किया शहरी क्षेत्र के रैपिड सर्वे का आंकड़ा
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60 हो गई शहर में वार्डों का संख्या सीमा विस्तार के बाद, पहले थे 50
31 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सेदारी पिछड़ा वर्ग की इस जनसंख्या में
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। नगरपालिका परिषद के सीमा विस्तार के बाद शहरी क्षेत्र के नए आंकडे़ सामने आ गए हैं। अब शहर की कुल जनसंख्या 5.20 लाख से भी ज्यादा हो गई है। इसके साथ ही शहर में वार्डों का संख्या 60 हो गई है। रैपिड सर्वे में शहर की जनसंख्या में 31 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सेदारी पिछड़ा वर्ग की सामने आई है।
निकाय चुनाव के लिए प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश नगर विकास ने 15 अक्टूबर को सीमा विस्तारित नगरपालिका परिषद मुजफ्फरनगर में पिछड़ी जातियों के लोगों की संख्या का रैपिड सर्वे कराने के निर्देश दिये थे। इसमें वार्डवार निवास कर रहे पिछड़ी जातियों के लोगों की जनसंख्या का परिणाम तैयार करते हुए रिपोर्ट मांगी गई थी। डीएम की अध्यक्षता में इसके लिए पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था। इसमें जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह के साथ ही एडीएम प्रशासन नरेंद्र बहादुर सिंह, नगर मजिस्ट्रेट अनूप कुमार, ईओ हेमराज सिंह, तहसील दार सदर अभिषेक शाही शामिल रहे। रैपिड सर्वे का कार्य पूर्ण कराकर कमेटी की ओर से प्रपत्र-पांच और प्रपत्र-छह पर आंकड़े जारी कर दिए गए हैं। एडीएम प्रशासन नरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि नगरपालिका परिषद मुजफ्फरनगर में सीमा विस्तार के बाद कुल जनसंख्या पांच लाख 20 हजार 206 हो गई है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार शहर की आबादी पहले 3.50 लाख थी।
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इसके अलावा पालिका के नए निर्धारित 60 वार्डों में पिछड़ी जातियों के परिवारों की संख्या 25 हजार 701 है। इन परिवारों में पिछड़ी जातियों के व्यक्तियों की संख्या एक लाख 63 हजार 284 है। प्रपत्र-6 के आंकड़े के अनुसार शहरी क्षेत्र में कुल जनसंख्या का 31.39 प्रतिशत हिस्सा पिछड़ी जातियों के लोगों का है। प्रपत्र-5 के अनुसार कमेटी ने जो आंकड़े अनंतिम सूचना के रूप में जारी किए हैं, जिनमें आठ वार्डों में पिछड़ी जाति की संख्या 50 प्रतिशत से ज्यादा है, जबकि 15 वार्ड ऐसे हैं, जिनमें तीन से चार हजार के बीच पिछड़ी जाति के लोग निवास कर रहे हैं।
वार्ड संख्या-15 अलमासपुर में ओबीसी 83.24 प्रतिशत
प्रपत्र-5 के आंकड़ों में सर्वाधिक पिछड़ी जाति की जनसंख्या वाले शहर के टॉप टेन वार्डों में चार वार्ड ही ग्रामीण क्षेत्र से आए हैं। इनमें टॉप थ्री में दो वार्ड ग्रामीण इलाके से हैं। पिछड़ी जाति वाले वार्डों में वार्ड संख्या 15 अलमासपुर द्वितीय नंबर वन पॉजीशन पर है। इस वार्ड में 83.24 प्रतिशत जनसंख्या पिछड़ी जाति के लोगों की है। इसके बाद वार्ड संख्या 57 लद्दावाला प्रथम में 62.92 प्रतिशत, वार्ड संख्या चार सरवट चतुर्थ में 61.58 प्रतिशत, वार्ड संख्या 52 महमूदनगर प्रथम में 61.03 प्रतिशत, वार्ड संख्या 32 किदवईनगर में 57.53 प्रतिशत, वार्ड संख्या 22 सूजडू द्वितीय में 57.24 प्रतिशत, वार्ड संख्या 60 लद्दावाला तृतीय में 56.26 प्रतिशत, वार्ड संख्या 39 शाहबुद्दीनपुर प्रथम में 51.11 प्रतिशत, वार्ड संख्या 54 मल्हुपुरा प्रथम में 46.76 और वार्ड संख्या 34 प्रेमपुरी प्रथम में 45.95 प्रतिशत पिछड़ी जातियों के लोग निवास कर रहे हैं। अब इस अनंतिम सूचना को 30 अक्टूबर के बाद अंतिम रूप प्रदान किया जायेगा।
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शासन ने चार नवंबर तक रिपोर्ट मांगी
एडीएम प्रशासन नरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि नगरपालिका परिषद के सीमा विस्तार के बाद मुजफ्फरनगर शहरी क्षेत्र में शामिल हुए गांवों के साथ ही शहरी क्षेत्र के इलाकों में वार्डों के आरक्षण के लिए ओबीसी की गणना का कार्य पूरा हो गया है। आपत्ति निस्तारण के बाद प्रशासन चार नवंबर तक शासन को रिपोर्ट भेज देगा। शासन ने डीएम से चार नवंबर तक रिपोर्ट मांगी है, जिससे चुनाव के लिए वार्डों के आरक्षण का कार्य पूरा किया जा सके।
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