जानसठ के गांव राठौर में जाने वाला मुख्य शहीद भगत सिंह द्वार।
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गांव राठौर की विकास के कारण बदल गई तस्वीर
मुजफ्फरनगर, जानसठ। गांव राठौर में एक करोड़ रुपयों की लागत से विकास कार्य कराए जा चुके हैं। विकास की वजह से ही इस गांव की तस्वीर आदर्श गांव जैसी है। वैश्विक कोरोना महामारी की जंग में ग्रामीणों को इस भयंकर बीमारी से बचने को जागरूक करने तथा गांव की गली मोहल्लों को सैनिटाइजर करके ग्राम प्रधान चंद्रशेखर उर्फ बबलू वॉरियर्स बन गए हैं। राठौर गांव की आबादी करीब दो हजार के हैं। प्रधान ने बताया कि गांव से जंगल जाने के लिए किसानों को गांव कवाल हो होकर तीन किलोमीटर घूमकर जाना पड़ता था। उन्होंने रजबहे का पुल निर्माण कराया। अब गांव के किसान मात्र आधा किलोमीटर की दूरी तय करके ही अपने खेतों पर चले जाते हैं। ग्राम प्रधान ने बताया कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए वे गांव में घर-घर पहुंचकर ग्रामीणों को इस महामारी से बचाव के लिए जागरूक कर रहे हैं। ग्रामीणों को इस बीमारी से बचने को एहतियात बरतने की अपील भी लगातार कर रहे हैं। गांव में गली व मोहल्लों को सैनिटाइज किया जा रहा है।