लावारिस शवों का अंतिम संस्कार करने वाली शालू का नाम इंडिया बुक में दर्ज
मुजफ्फरनगर। कोरोना संक्रमण काल की दूसरी लहर के मुश्किल दौर में शवों का अंतिम संस्कार कराने वाली साक्षी वेलफेयर ट्रस्ट की राष्ट्रीय अध्यक्ष शालू सैनी उर्फ बबीता का कार्य इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में शामिल किया गया है। समाज सेवा क्षेत्र में किए गए इस उल्लेखनीय कार्य के लिए उन्हें रविवार को केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान ने सम्मानित किया।
शहर के दक्षिणी कृष्णापुरी निवासी शालू सैनी ने सामाजिक सेवा में नई मिसाल पेश की है। कोरोना संक्रमण से मृतकों के अलावा उन्होंने लावारिस शवों के अंतिम संस्कार और अस्थि विसर्जन करने का कार्य किया। उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण काल में करीब 200 शवों का अंतिम संस्कार किया। उनके इस कार्य को इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में शामिल किया गया है। इंडिया बुक की ओर से उन्हें प्रमाणपत्र भेजा गया है।
रविवार को केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान ने शालू सैनी को इंडिया बुक रिकॉर्ड में नाम शामिल होने पर सम्मानित किया। केंद्रीय मंत्री ने उनके प्रयास की सराहना की। इस अवसर पर समाजसेवी सत्यप्रकाश रेशु, ट्रस्ट के संरक्षक मनोज सैनी, राष्ट्रीय महासचिव राजू सैनी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मंगतेश कुमार, पंकज भारद्वाज, डॉक्टर योगेंद्र शर्मा, राजेश कश्यप, युवा जिला अध्यक्ष रेखा राठी, साक्षी सैनी उपस्थित रहे।
यह करते हैं सहयोग
शालू सैनी ने बताया कि उनके कार्य में राजू सैनी, रविंद्र शर्मा, मंगतेश प्रजापति, रविंद्र शर्मा, मनोचा सेन, मनोज सैनी, अंकित सैनी ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया। सभी आपस में रुपये एकत्र कर यह कार्य करते हैं।
मृतकों की आत्मा को मुक्ति दिलाने का लक्ष्य
शालू सैनी ने कहा कि उनका लक्ष्य मृतकों की आत्मा को शांति दिलाना है। लावारिसों की वारिस बनकर अंतिम संस्कार और अस्थि विसर्जन करके मृतकों की आत्माओं को मुक्ति दिलाना है