मेरठ के सरधना ब्लॉक के एडीओ पंचायत ने दिया समाधान का आश्वासन
संवाद न्यूज एजेंसी
जानसठ (मुजफ्फरनगर)। गांव खलवाड़ा के राजमिस्त्री सोमवार को जानसठ के ज्ञानेश्वर महादेव मंदिर से साइकिल मार्च निकालकर लखनऊ के लिए रवाना हुए। मगर, उन्हं मेरठ में जिला पंचायत राज अधिकारी ने रोक लिया और सरधना ब्लॉक के एडीओ पंचायत सुनील कुमार के पास भेजा। एडीओ पंचायत ने उन्हें आगामी सोमवार को समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया है।
तहसील जानसठ के गांव खलवाड़ा निवासी राजमिस्त्री समंद्र सैन पुत्र धन्नू का आरोप था कि वर्ष 2018 से 2020 में जिला मेरठ की तहसील सरधना के गांव कपसाढ़ के तत्कालीन ग्राम सचिव ने लिखित और मौखिक संविदा करार करते हुए उसे 91 शौचालय बनाने का ठेका दिया था। यह ठेका लगभग आठ लाख 70 हजार रुपये में लिया गया था। आरोप था कि ग्राम सचिव पर करीब एक लाख 96 हजार 630 रुपये मजदूरी ठेके के बकाया हैं। अभी तक बकाया पैसा नहीं मिला है। इससे उसका परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच गया है। उसने इस संबंध में मेरठ में जिला पंचायत राज अधिकारी से भी कई बार शिकायत की थी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ था।
इस राजमिस्त्री ने साइकिल यात्रा निकाल कर लखनऊ में मुख्यमंत्री के दरबार में जाने का फैसला किया था। शुक्रवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत राजमिस्त्री जानसठ के ज्ञानेश्वर महादेव मंदिर से साइकिल मार्च पर निकले। बताया कि पहले मेरठ के जिला पंचायत राज अधिकारी के कार्यालय में पहुंचे। जिला पंचायत राज अधिकारी ने उनकी शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सरधना ब्लॉक के एडीओ पंचायत सुनील कुमार के पास भेजा। एडीओ पंचायत ने राजमिस्त्री को आगामी सोमवार को उसके रुपये दिलवाने का आश्वासन दिया है।