बुढ़ाना के रसूलपुर दभेडी गांव में बच्चों के शव गांव में पहुंचने पर लगी ग्रामीणों की भीड।
मुजफ्फरनगर, बुढ़ाना। कानून फाइलों में बंद रह गया और तीन हंसते-खेलते मासूम मौत के कुएं में समा गए। ईंट भट्ठे की पथेर में खोदे गए गड्ढे की गहराई पर सवाल उठ रहा है। एसडीएम बुढ़ाना अरुण कुमार का कहना है कि जांच कराई जाएगी।
रसूलपुर दभेड़ी गांव के हुसैन और उसका भाई आरिफ गांव में मजदूरी करते हैं। ईंट भट्ठे के पथेर में बने गड्ढे में डूबने से हुसैन के बेटे फैसल व असद और आरिफ के बेटे अहसान की मौत हो गई। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि भट्ठा मालिक ने पथेर की जमीन में गहरी खुदाई की थी। मानक के विरुद्ध गड्ढा खुदवाया गया है। जबकि भट्ठा मालिक को यह गड्ढा भरवा देना चाहिए था। उप जिलाधिकारी अरुण कुमार ने कहा कि घटना की जांच की जाएगी। हादसे के बाद रसूलपुर दभेड़ी गांव गम में डूबा हुआ है। पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने के लिए लोग पहुंच रहे हैं।
- मौत तक ले गई बारिश के पानी में नहाने की चाहत
गांव के पांच बच्चे बारिश के पानी में नहाने के लिए पथेर में चले गए। गहरे गड्ढे में डूबने से उनकी मौत हो गई। फैसल, असद व अहसान का बारिश के पानी में नहाना मौत का कारण बना।
- 10 से 12 फीट गहरे हैं गड्ढे
ईंट-भट्ठे के पथेर में भट्ठा मालिक द्वारा गहरे-गहरे गड्ढे खोदकर मिट्टी निकाली गई है। कई गड्ढे 10-12 फीट से भी गहरे हैं। जिनमें बारिश का पानी भरा हुआ है। इन गड्ढों का पता नहीं चलता।
बुढ़ाना के रसूलपुर दभेडी गांव में बच्चों के शव गांव में पहुंचने पर लगी ग्रामीणों की भीड।
बुढ़ाना के रसूलपुर दभेडी गांव में बच्चों के शव गांव में पहुंचने पर लगी ग्रामीणों की भीड।