मुजफ्फरनगर हादसा :: योगेंद्र नगर गांव में घर के बाहर खड़ी मां कुशबा और अन्य परिजन।
पांच साल पहले पति जुमेश ने इकलौते बेटे को रखकर कुशबा को दे दिया था तलाक
संवाद न्यूज एजेंसी
भोपा। गांव योगेन्द्र नगर निवासी तलाकशुदा महिला कुशबा को यह जरा भी अहसास नहीं था कि वह तेज बुखार होने पर जल्द सो जाएगी और जिस दीए को उसकी बेटी विद्या ने रोशनी के लिए जलाया था, वहीं उसकी जिंदगी छीन लेगा।
करीब पांच साल पहले पति जुमेश ने इकलौते बेटे को रखकर कुशबा को तलाक दे दिया था। इसके बाद कुशबा मायके में कच्चा मकान बनाकर रहने लगी। परिवार का पालन करने के लिए बेटियों के साथ मजदूरी करती है। शनिवार को बुखार से पीड़ित होने के कारण वह घर में जाकर सो गई थी। उसकी छोटी बेटी विद्या ने रोशनी के लिए दीया जलाया था और वह भी दूसरी चारपाई पर सो गई थी। रात में इसी दीये से आशियाना जल गया। आग में कुशबा की बेटी की जान चली गई।
परिवार को मिले आर्थिक मदद
भोपा। सीकरी और योगेंद्र नगर गांव के जिम्मेदार लोगों ने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी। जिलाधिकारी से पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद दिए जाने की मांग की। ग्राम प्रधान राजेंद्र सिंह, महमूद अली, हाफिज वाहिद, इंद्रजीत सिंह, डॉक्टर अतीक, महिपाल,फसीब आदि का कहना है कि जिस बस्ती में महिला रहती थी, उसमें अक्सर आग की घटनाएं होती रहती है। यहां अधिकांश मकान झोपड़ी नुमा हैं। सरकार को इन लोगों के मकान बनवाने चाहिए। उर, लेखपाल सुरेश चंद ने मौके पर पहुंचकर घटना का जायजा लिया।