कई गुम बच्चों का होता रहा ऐलान
भीड़ में कई बच्चें परिजनों से बिछड़ने पर थाना प्रभारी राकेश शर्मा ने कंट्रोल रूम से संदेश प्रसारित कराकर मिलवाया। पीएसी के अलावा सभी थाना क्षेत्र की पुलिस चौकियों का स्टाफ और जिले से भारी फोर्स बुलाया गया।
युवाओं टीम ने संभाला मोर्चा
मेले में भक्तों का सैलाब उमड़ने पर युवाओं की टीम ने पुलिस बल के साथ व्यवस्था संभाली। कस्बा प्रभारी आशुतोष सिसौदिया और कई उप निरीक्षक कतार में भक्तों को पानी पिलाते और उन पर पंखे करते नजर आए। ग्राम प्रधान शोभित पुंडीर खुद कुलदीप राणा, विक्की, गौरव, अमितपुंडीर, बिशन, दीपक राणा आदि के साथ म्हाड़ी पर सुरक्षा का दायित्व निभा रहे थे।
मन्नत पूरी होने पर दो साल दर्शन का मिला मौका
दूधली म्हाड़ी पर कोरोना काल में दो साल मेला नहीं लग सका। इस बार दूर प्रांतों से कई श्रद्धालु लेटकर और दौड़ लगाते हुए म्हाड़ी की ओर पहुंच रहे थे। जो मन्नत पूरी होने पर नीले निशान को लेकर म्हाड़ी के दर्शनों को आतुर थे। हरियाणा के अंबाला, पानीपत, सोनीपत, हिसार, करनाल और यमुनानगर और पंजाब राजस्थान से काफी श्रद्धालु दूधली पहुंचे।